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प्रश्नावली 9.3 के हल

कक्षा 9 गणित · अध्याय 9: वृत्त · 12 प्रश्न

प्र. 1प्र. 2प्र. 3प्र. 4प्र. 5प्र. 6प्र. 7प्र. 8प्र. 9प्र. 10प्र. 11प्र. 12
प्रश्न 1

आकृति 9.23 में, केन्द्र O वाले एक वृत्त पर तीन बिन्दु A, B और C इस प्रकार हैं कि तथा है। यदि चाप ABC के अतिरिक्त वृत्त पर D एक बिन्दु है, तो ज्ञात कीजिए।

ज्ञात है
केन्द्र O वाले वृत्त पर बिंदु A, B, C: ,
D, चाप ABC के अतिरिक्त वृत्त पर एक बिंदु है
ज्ञात करना है
60°30°ABCDO
आकृति 9.23
60°30°45°ABCDO
हल की आकृति: चाप ABC बैंगनी; यह केन्द्र पर ∠AOC (बैंगनी रेखा-चाप) और D पर ∠ADC (हरा) बनाता है
∠AOB = 60°∠BOC = 30°चाप ABC, ∠AOC∠ADC
(OB, ∠AOC के अंदर है)(मान रखने पर)(60 + 30 = 90)
(1) प्रमेय 9.7: एक चाप द्वारा केन्द्र पर अंतरित कोण वृत्त के शेष भाग के किसी बिन्दु पर अंतरित कोण का दुगुना होता है।

चाप ABC केन्द्र O पर और वृत्त के शेष भाग के बिंदु D पर अंतरित करता है।

(प्रमेय 9.7)
(पक्ष बदलकर लिखने पर)((1) से)
(2 को पक्षांतर करने पर (गुणा → भाग))(90 ÷ 2 = 45)
उत्तर:
प्रश्न 2

किसी वृत्त की एक जीवा वृत्त की त्रिज्या के बराबर है। जीवा द्वारा लघु चाप के किसी बिन्दु पर अंतरित कोण ज्ञात कीजिए तथा दीर्घ चाप के किसी बिन्दु पर भी अंतरित कोण ज्ञात कीजिए।

ज्ञात है
केन्द्र O वाले वृत्त की जीवा AB, त्रिज्या के बराबर:
C, दीर्घ चाप पर एक बिंदु; D, लघु चाप पर एक बिंदु
ज्ञात करना है
(i) लघु चाप के बिंदु D पर अंतरित कोण
(ii) दीर्घ चाप के बिंदु C पर अंतरित कोण
(पुस्तक में इस प्रश्न की आकृति नहीं दी है; नीचे हल के लिए आकृति बनाई गई है।)
150°60°30°ABCOD
हल की आकृति: OA = OB = AB लाल (समबाहु त्रिभुज), ∠AOB नारंगी, दीर्घ चाप पर ∠ACB नीला, लघु चाप पर ∠ADB हरा
OA = OB = AB∠AOB∠ACB (दीर्घ चाप)∠ADB (लघु चाप)
चरण 1:
(1) समबाहु त्रिभुज (प्रश्नावली 7.2, प्रश्न 8): समबाहु त्रिभुज का प्रत्येक कोण होता है।

में (दो त्रिज्याएँ और त्रिज्या के बराबर जीवा), अतः यह समबाहु त्रिभुज है।

(समबाहु त्रिभुज का प्रत्येक कोण 60°)
(ii) दीर्घ चाप के बिंदु C पर कोण
(2) प्रमेय 9.7: एक चाप द्वारा केन्द्र पर अंतरित कोण वृत्त के शेष भाग के किसी बिन्दु पर अंतरित कोण का दुगुना होता है।

लघु चाप AB केन्द्र पर और शेष भाग (दीर्घ चाप) के बिंदु C पर बनाता है।

(प्रमेय 9.7)((1) से)
(2 को पक्षांतर करने पर (गुणा → भाग))(60 ÷ 2 = 30)
(i) लघु चाप के बिंदु D पर कोण
(3) प्रमेय 9.10: चक्रीय चतुर्भुज के सम्मुख कोणों के प्रत्येक युग्म का योग होता है।

A, C, B, D चारों वृत्त पर हैं, अतः ACBD एक चक्रीय चतुर्भुज है; इसमें ∠ACB और ∠ADB सम्मुख कोण हैं।

(प्रमेय 9.10)((2) से)
(30° को पक्षांतर करने पर (+ → −))(180 − 30 = 150)
उत्तर:
(i) लघु चाप के किसी बिंदु पर अंतरित कोण
(ii) दीर्घ चाप के किसी बिंदु पर अंतरित कोण
प्रश्न 3

आकृति 9.24 में, है, जहाँ P, Q तथा R, केन्द्र O वाले एक वृत्त पर स्थित बिन्दु हैं। ज्ञात कीजिए।

ज्ञात है
केन्द्र O वाले वृत्त पर बिंदु P, Q, R;
ज्ञात करना है
100°PQRO
आकृति 9.24
10°100°80°PQRSO
हल की आकृति: दीर्घ चाप पर बिंदु S लिया (नीली डैश रेखाएँ); ∠POR हरा; त्रिज्याएँ OP = OR लाल

रचना: दीर्घ चाप PR पर (Q के सामने वाले भाग पर) कोई बिंदु S लीजिए; SP और SR को मिलाइए।

∠PQR = 100°∠PSR∠POROP = OR∠OPR = ∠ORP
चरण 1:
(1) प्रमेय 9.10: चक्रीय चतुर्भुज के सम्मुख कोणों के प्रत्येक युग्म का योग होता है।
(PQRS चक्रीय चतुर्भुज के सम्मुख कोण (प्रमेय 9.10))(मान रखने पर)
(100° को पक्षांतर करने पर (+ → −))(180 − 100 = 80)
चरण 2:
(2) प्रमेय 9.7: एक चाप द्वारा केन्द्र पर अंतरित कोण वृत्त के शेष भाग के किसी बिन्दु पर अंतरित कोण का दुगुना होता है।
(लघु चाप PR केन्द्र पर ∠POR और S पर ∠PSR बनाता है (प्रमेय 9.7))(मान रखने पर)(2 × 80 = 160)
चरण 3:
(3) प्रमेय 7.2: एक समद्विबाहु त्रिभुज की बराबर भुजाओं के सम्मुख कोण बराबर होते हैं।
(OP = OR (त्रिज्याएँ), इनके सम्मुख कोण (प्रमेय 7.2))
(4) त्रिभुज के कोणों का योग गुण: त्रिभुज के तीनों कोणों का योग होता है।
(△OPR के कोणों का योग)((1) से और ∠POR = 160°)(∠OPR + ∠OPR = 2∠OPR)
(160° को पक्षांतर करने पर (+ → −))(180 − 160 = 20)
(2 को पक्षांतर करने पर (गुणा → भाग))(20 ÷ 2 = 10)
उत्तर:
प्रश्न 4

आकृति 9.25 में, और हो, तो ज्ञात कीजिए।

ज्ञात है
वृत्त पर बिंदु A, B, C, D; ,
ज्ञात करना है
69°31°ABCD
आकृति 9.25
69°31°80°80°ABCD
हल की आकृति: ∠ABC नारंगी, ∠ACB नीला; एक ही वृत्तखंड के कोण ∠BAC और ∠BDC हरे
∠ABC = 69°∠ACB = 31°∠BAC = ∠BDC
(1) त्रिभुज के कोणों का योग गुण: त्रिभुज के तीनों कोणों का योग होता है।
(△ABC के कोणों का योग)(मान रखने पर)(69 + 31 = 100)
(100° को पक्षांतर करने पर (+ → −))(180 − 100 = 80)
(2) प्रमेय 9.8: एक ही वृत्तखंड के कोण बराबर होते हैं।

∠BAC और ∠BDC, दोनों जीवा BC द्वारा एक ही वृत्तखंड BADC में बने कोण हैं।

(प्रमेय 9.8)((1) से)
उत्तर:
प्रश्न 5

आकृति 9.26 में, एक वृत्त पर A, B, C और D चार बिन्दु हैं। AC और BD एक बिन्दु E पर इस प्रकार प्रतिच्छेद करते हैं कि तथा है। ज्ञात कीजिए।

ज्ञात है
वृत्त पर चार बिंदु A, B, C, D; AC और BD, बिंदु E पर प्रतिच्छेद करते हैं
,
ज्ञात करना है
130°20°ABCDE
आकृति 9.26
130°50°20°110°110°ABCDE
हल की आकृति: ∠BEC नारंगी, ∠CED हरा-नीला, ∠ECD नीला; एक ही वृत्तखंड के कोण ∠BDC और ∠BAC हरे
∠BEC = 130°∠CED∠ECD = 20°∠EDC = ∠BDC = ∠BAC
चरण 1:
(1) रैखिक युग्म अभिगृहीत (अभिगृहीत 6.1): यदि एक किरण एक रेखा पर खड़ी हो, तो इस प्रकार बने दोनों आसन्न कोणों का योग होता है।
(किरण EC रेखा BD पर खड़ी है (रैखिक युग्म))(मान रखने पर)
(130° को पक्षांतर करने पर (+ → −))(180 − 130 = 50)
चरण 2:
(2) त्रिभुज के कोणों का योग गुण: त्रिभुज के तीनों कोणों का योग होता है।
(△ECD के कोणों का योग)(मान रखने पर)(50 + 20 = 70)
(70° को पक्षांतर करने पर (+ → −))(180 − 70 = 110)

E रेखाखंड BD पर है, इसलिए ।

चरण 3:
(3) प्रमेय 9.8: एक ही वृत्तखंड के कोण बराबर होते हैं।
(जीवा BC द्वारा एक ही वृत्तखंड में बने कोण (प्रमेय 9.8))(चरण 2 से)
उत्तर:
प्रश्न 6

ABCD एक चक्रीय चतुर्भुज है जिसके विकर्ण एक बिन्दु E पर प्रतिच्छेद करते हैं। यदि और हो, तो ज्ञात कीजिए। पुनः यदि हो, तो ज्ञात कीजिए।

ज्ञात है
ABCD एक चक्रीय चतुर्भुज है; विकर्ण AC और BD, बिंदु E पर प्रतिच्छेद करते हैं
,
दूसरे भाग में:
ज्ञात करना है
(i)
(ii) हो तो
(पुस्तक में इस प्रश्न की आकृति नहीं दी है; नीचे हल के लिए आकृति बनाई गई है।)
30°50°70°30°30°ABCDE
हल की आकृति: ∠DBC लाल; 30° के तीनों कोण नीले; ∠BCD नारंगी (डैश), ∠ECD बैंगनी; AB = BC हरी
∠DBC = 70°∠BAC = ∠BDC = ∠BCA = 30°∠BCD∠ECDAB = BC
(i)
(1) प्रमेय 9.8: एक ही वृत्तखंड के कोण बराबर होते हैं।
(जीवा BC द्वारा एक ही वृत्तखंड में बने कोण (प्रमेय 9.8))(दिया है)
(2) त्रिभुज के कोणों का योग गुण: त्रिभुज के तीनों कोणों का योग होता है।
(△BCD के कोणों का योग)(मान रखने पर ((1) से))(70 + 30 = 100)
(100° को पक्षांतर करने पर (+ → −))(180 − 100 = 80)
(ii) हो, तो
(3) प्रमेय 7.2: एक समद्विबाहु त्रिभुज की बराबर भुजाओं के सम्मुख कोण बराबर होते हैं।
(△ABC में AB = BC, इनके सम्मुख कोण (प्रमेय 7.2))(दिया है)
(CE (अर्थात् CA), ∠BCD के अंदर है)((2) से, और (3) से ∠BCE = ∠BCA = 30°)(80 − 30 = 50)
उत्तर:
(i)
(ii)
प्रश्न 7

यदि एक चक्रीय चतुर्भुज के विकर्ण उसके शीर्षों से जाने वाले वृत्त के व्यास हों, तो सिद्ध कीजिए कि वह एक आयत है।

ज्ञात है
ABCD एक चक्रीय चतुर्भुज है; विकर्ण AC और BD वृत्त के व्यास हैं (दोनों केन्द्र O से होकर जाते हैं)
ज्ञात करना है
सिद्ध करना है: ABCD एक आयत है
(पुस्तक में इस प्रश्न की आकृति नहीं दी है; नीचे हल के लिए आकृति बनाई गई है।)
ABCDO
हल की आकृति: व्यास AC लाल (OA = OC), व्यास BD नीला (OB = OD), अर्धवृत्त के कोण बैंगनी
OA = OC (व्यास AC)OB = OD (व्यास BD)अर्धवृत्त के कोण 90°
चरण 1: ABCD एक समांतर चतुर्भुज है
(1) त्रिज्या: एक वृत्त की सभी त्रिज्याएँ बराबर होती हैं (वृत्त के सभी बिंदु केन्द्र से एक ही दूरी पर होते हैं)।
कथनकारण
त्रिज्याएँ, अर्थात् O विकर्ण AC का मध्य-बिंदु है
त्रिज्याएँ, अर्थात् O विकर्ण BD का मध्य-बिंदु है
(2) प्रमेय 8.7: यदि एक चतुर्भुज के विकर्ण एक दूसरे को समद्विभाजित करें, तो वह एक समांतर चतुर्भुज होता है।

विकर्ण AC और BD एक दूसरे को O पर समद्विभाजित करते हैं, इसलिए ABCD एक समांतर चतुर्भुज है।

चरण 2: एक कोण समकोण है
(3) अर्धवृत्त का कोण (प्रमेय 9.7 से प्राप्त गुण): अर्धवृत्त का कोण समकोण होता है।
कथनकारण
AC व्यास है, ∠ABC अर्धवृत्त का कोण है
BD व्यास है, ∠BAD अर्धवृत्त का कोण है

(इसी प्रकार भी है।)

(4) आयत: आयत वह समांतर चतुर्भुज है जिसका एक कोण समकोण हो।
उत्तर: ABCD एक समांतर चतुर्भुज है जिसका है, अतः ABCD एक आयत है। सिद्ध हुआ।
प्रश्न 8

यदि एक समलंब की असमांतर भुजाएँ बराबर हों, तो सिद्ध कीजिए कि वह चक्रीय है।

ज्ञात है
ABCD एक समलंब है:
असमांतर भुजाएँ बराबर:
ज्ञात करना है
सिद्ध करना है: ABCD चक्रीय है
(पुस्तक में इस प्रश्न की आकृति नहीं दी है; नीचे हल के लिए आकृति बनाई गई है।)
ABCDMN
हल की आकृति: AD = BC लाल, लम्ब DM = CN नीले, ∠A = ∠B नारंगी; हरा डैश वृत्त चारों शीर्षों से जाता है

रचना: D और C से AB पर लम्ब और खींचिए।

AD = BCDM = CN∠A = ∠B∠Dसमकोण
चरण 1:
(1) संगत कोण अभिगृहीत का विलोम: यदि एक तिर्यक रेखा दो रेखाओं को इस प्रकार प्रतिच्छेद करे कि संगत कोणों का एक युग्म बराबर है, तो दोनों रेखाएँ परस्पर समांतर होती हैं।

(संगत कोण), इसलिए । साथ ही (दिया है, MN रेखा AB का भाग है)।

(2) प्रमेय 8.2: एक समांतर चतुर्भुज में सम्मुख भुजाएँ बराबर होती हैं।
DMNC एक समांतर चतुर्भुज है (सम्मुख भुजाओं के दोनों युग्म समांतर), इसलिए
कथनकारण
समांतर चतुर्भुज की सम्मुख भुजाएँ (प्रमेय 8.2)
चरण 2:
(3) प्रमेय 7.5 (RHS सर्वांगसमता नियम): यदि दो समकोण त्रिभुजों में, एक त्रिभुज का कर्ण और एक भुजा क्रमशः दूसरे त्रिभुज के कर्ण और एक भुजा के बराबर हों, तो दोनों त्रिभुज सर्वांगसम होते हैं।
और में,
कथनकारण
समकोणरचना से
कर्णदिया है (कर्ण)
भुजा(1) से
RHS सर्वांगसमता नियम द्वारा
संगत शीर्ष: , ,
कथनकारण
CPCT (∠DAM ↔ ∠CBN)
चरण 3:
(4) तिर्यक रेखा के एक ही ओर के अंतः कोण: यदि एक तिर्यक रेखा दो समांतर रेखाओं को प्रतिच्छेद करे, तो तिर्यक रेखा के एक ही ओर के अंतः कोणों का प्रत्येक युग्म संपूरक होता है (योग )।
(AB ∥ DC, तिर्यक रेखा AD — एक ही ओर के अंतः कोण)
((2) से ∠B = ∠A)((3) से)
(5) प्रमेय 9.11: यदि किसी चतुर्भुज के सम्मुख कोणों के एक युग्म का योग हो, तो चतुर्भुज चक्रीय होता है।

चतुर्भुज ABCD के सम्मुख कोणों के एक युग्म (∠B और ∠D) का योग है।

उत्तर: प्रमेय 9.11 से समलंब ABCD चक्रीय है। सिद्ध हुआ।
प्रश्न 9

दो वृत्त दो बिन्दुओं B और C पर प्रतिच्छेद करते हैं। B से जाने वाले दो रेखाखंड ABD और PBQ वृत्तों को A, D और P, Q पर क्रमशः प्रतिच्छेद करते हुए खींचे गए हैं (देखिए आकृति 9.27)। सिद्ध कीजिए कि है।

ज्ञात है
दो वृत्त B और C पर प्रतिच्छेद करते हैं
B से जाने वाले रेखाखंड ABD और PBQ: A, P पहले वृत्त पर; D, Q दूसरे वृत्त पर
ज्ञात करना है
सिद्ध करना है:
APDQBC
आकृति 9.27
APDQBC
हल की आकृति: पहले वृत्त के एक ही वृत्तखंड के कोण नीले, दूसरे वृत्त के एक ही वृत्तखंड के कोण नारंगी
∠ACP = ∠ABP (पहला वृत्त)∠QCD = ∠QBD (दूसरा वृत्त)रेखा ABDरेखा PBQ
(1) प्रमेय 9.8: एक ही वृत्तखंड के कोण बराबर होते हैं।
(पहले वृत्त में जीवा AP द्वारा एक ही वृत्तखंड में बने कोण (प्रमेय 9.8))
(दूसरे वृत्त में जीवा QD द्वारा एक ही वृत्तखंड में बने कोण (प्रमेय 9.8))
(2) प्रमेय 6.1 (शीर्षाभिमुख कोण): यदि दो रेखाएँ परस्पर प्रतिच्छेद करती हैं, तो शीर्षाभिमुख कोण बराबर होते हैं।
(रेखाएँ AD और PQ, B पर प्रतिच्छेद करती हैं — शीर्षाभिमुख कोण)
((1) से)((3) से)((2) से)
उत्तर: । सिद्ध हुआ।
प्रश्न 10

यदि किसी त्रिभुज की दो भुजाओं को व्यास मानकर वृत्त खींचे जाएँ, तो सिद्ध कीजिए कि इन वृत्तों का प्रतिच्छेद बिन्दु तीसरी भुजा पर स्थित है।

ज्ञात है
; भुजा AB को व्यास मानकर वृत्त (नीला) और भुजा AC को व्यास मानकर वृत्त (नारंगी) खींचे गए
दोनों वृत्त A और D पर प्रतिच्छेद करते हैं
ज्ञात करना है
सिद्ध करना है: D तीसरी भुजा BC पर स्थित है
(पुस्तक में इस प्रश्न की आकृति नहीं दी है; नीचे हल के लिए आकृति बनाई गई है।)
ABCD
हल की आकृति: AB व्यास वाला वृत्त नीला, AC व्यास वाला वृत्त नारंगी; AD बैंगनी

रचना: AD को मिलाइए; BD और DC को मिलाइए।

AB व्यास, ∠ADBAC व्यास, ∠ADCAD
(1) अर्धवृत्त का कोण (प्रमेय 9.7 से प्राप्त गुण): अर्धवृत्त का कोण समकोण होता है।
कथनकारण
AB व्यास वाले वृत्त के अर्धवृत्त का कोण
AC व्यास वाले वृत्त के अर्धवृत्त का कोण
((1) और (2) से)(90 + 90 = 180)
(2) अभिगृहीत 6.2 (रैखिक युग्म अभिगृहीत का विलोम): यदि दो आसन्न कोणों का योग है, तो उनकी अउभयनिष्ठ भुजाएँ एक रेखा बनाती हैं।

∠ADB और ∠ADC आसन्न कोण हैं (उभयनिष्ठ भुजा DA) और इनका योग है, इसलिए अउभयनिष्ठ भुजाएँ DB और DC एक ही रेखा में हैं, अर्थात् B, D, C संरेख हैं।

उत्तर: वृत्तों का प्रतिच्छेद बिंदु D तीसरी भुजा BC पर स्थित है। सिद्ध हुआ।
प्रश्न 11

उभयनिष्ठ कर्ण AC वाले दो समकोण त्रिभुज ABC और ADC हैं। सिद्ध कीजिए कि है।

ज्ञात है
समकोण त्रिभुज ABC और ADC, उभयनिष्ठ कर्ण AC:
ज्ञात करना है
सिद्ध करना है:
(पुस्तक में इस प्रश्न की आकृति नहीं दी है; नीचे हल के लिए आकृति बनाई गई है।)
ABCD
हल की आकृति: कर्ण AC लाल, समकोण बैंगनी; जीवा CD (नारंगी) द्वारा बने कोण नीले; हरा डैश वृत्त A, B, C, D से जाता है
उभयनिष्ठ कर्ण AC∠B = ∠D = 90°जीवा CD∠CAD = ∠CBD
चरण 1: A, B, C, D एक वृत्त पर हैं
(दिया है)(90 + 90 = 180)
(1) प्रमेय 9.11: यदि किसी चतुर्भुज के सम्मुख कोणों के एक युग्म का योग हो, तो चतुर्भुज चक्रीय होता है।

चतुर्भुज ABCD (B और D, AC के विपरीत ओर) के सम्मुख कोणों ∠B और ∠D का योग है, इसलिए ABCD चक्रीय है।

यदि B और D, AC के एक ही ओर हों, तो , अर्थात् AC दोनों बिंदुओं पर बराबर कोण बनाता है; प्रमेय 9.9 से तब भी A, B, C, D एक वृत्त पर होंगे।
(2) प्रमेय 9.9: यदि दो बिन्दुओं को मिलाने वाला रेखाखंड, उसको अंतर्विष्ट करने वाली रेखा के एक ही ओर स्थित दो अन्य बिन्दुओं पर समान कोण अंतरित करे, तो चारों बिन्दु एक वृत्त पर स्थित होते हैं (अर्थात् वे चक्रीय होते हैं)।
चरण 2:
(3) प्रमेय 9.8: एक ही वृत्तखंड के कोण बराबर होते हैं।
(जीवा CD द्वारा एक ही वृत्तखंड में बने कोण (प्रमेय 9.8))
उत्तर: । सिद्ध हुआ।
प्रश्न 12

सिद्ध कीजिए कि चक्रीय समांतर चतुर्भुज आयत होता है।

ज्ञात है
ABCD एक समांतर चतुर्भुज है जिसके चारों शीर्ष एक वृत्त पर हैं (चक्रीय समांतर चतुर्भुज)
ज्ञात करना है
सिद्ध करना है: ABCD एक आयत है
(पुस्तक में इस प्रश्न की आकृति नहीं दी है; नीचे हल के लिए आकृति बनाई गई है।)
∠A∠CABCD
हल की आकृति: समांतर भुजाओं पर तीर-चिह्न; सम्मुख कोण ∠A और ∠C नारंगी
∠A, ∠C (सम्मुख कोण)
(1) प्रमेय 8.4: एक समांतर चतुर्भुज में सम्मुख कोण बराबर होते हैं।
(समांतर चतुर्भुज के सम्मुख कोण (प्रमेय 8.4))
(2) प्रमेय 9.10: चक्रीय चतुर्भुज के सम्मुख कोणों के प्रत्येक युग्म का योग होता है।
(चक्रीय चतुर्भुज के सम्मुख कोण (प्रमेय 9.10))((1) से ∠C = ∠A रखने पर)(∠A + ∠A = 2∠A)
(2 को पक्षांतर करने पर (गुणा → भाग))(180 ÷ 2 = 90)
(3) आयत: आयत वह समांतर चतुर्भुज है जिसका एक कोण समकोण हो।
उत्तर: समांतर चतुर्भुज ABCD का है, अतः चक्रीय समांतर चतुर्भुज ABCD एक आयत है। सिद्ध हुआ।
← प्रश्नावली 9.2प्रश्नावली 10.1 →

यह हल MP Board (MPBSE) कक्षा 9 गणित की पाठ्यपुस्तक के अध्याय 9 ‘वृत्त’ के अनुसार है।