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प्रश्नावली 7.3 के हल

कक्षा 9 गणित · अध्याय 7: त्रिभुज · 5 प्रश्न

प्र. 1प्र. 2प्र. 3प्र. 4प्र. 5
प्रश्न 1

और एक ही आधार पर बने दो समद्विबाहु त्रिभुज इस प्रकार हैं कि और भुजा के एक ही ओर स्थित हैं (देखिए आकृति 7.39)। यदि बढ़ाने पर को पर प्रतिच्छेद करे, तो दर्शाइए कि(i) (ii) (iii) कोण और कोण दोनों को समद्विभाजित करता है।(iv) रेखाखंड का लम्ब समद्विभाजक है।

ज्ञात है
में
में
A, D भुजा BC के एक ही ओर; AD बढ़ाने पर BC को P पर काटती है
ज्ञात करना है
सिद्ध करना है:
(i)
(ii)
(iii) AP, ∠A और ∠D को समद्विभाजित करता है
(iv) AP, BC का लम्ब समद्विभाजक है
ABCDP
आकृति 7.39
ABCDP
हल की आकृति: AB = AC लाल (एक), DB = DC नारंगी (दो), BP = PC भूरी (तीन निशान); AD, DP हरी
AB = ACDB = DCAD, AP, DP उभयनिष्ठ∠BAD = ∠CAD∠BDP = ∠CDPBP = CP∠APB = ∠APC
(i)
(1) प्रमेय 7.4 (SSS सर्वांगसमता नियम): यदि एक त्रिभुज की तीनों भुजाएँ एक अन्य त्रिभुज की तीनों भुजाओं के बराबर हों, तो दोनों त्रिभुज सर्वांगसम होते हैं।
और में,
कथनकारण
भुजादिया है (△ABC समद्विबाहु)
भुजादिया है (△DBC समद्विबाहु)
भुजाउभयनिष्ठ भुजा
SSS सर्वांगसमता नियम द्वारा
संगत शीर्ष: , ,
(2) CPCT (सर्वांगसम त्रिभुजों के संगत भाग): दो त्रिभुज सर्वांगसम हों, तो उनके संगत भाग (संगत भुजाएँ और संगत कोण) बराबर होते हैं।
कथनकारण
CPCT (B ↔ C)
(ii)
(3) अभिगृहीत 7.1 (SAS सर्वांगसमता नियम): दो त्रिभुज सर्वांगसम होते हैं, यदि एक त्रिभुज की दो भुजाएँ और उनका अंतर्गत कोण दूसरे त्रिभुज की दो भुजाओं और उनके अंतर्गत कोण के बराबर हों।
और में,
कथनकारण
भुजादिया है
कोण(1) से (∠BAP = ∠BAD, ∠CAP = ∠CAD)
भुजाउभयनिष्ठ भुजा
SAS सर्वांगसमता नियम द्वारा
संगत शीर्ष: , ,
(ii) से CPCT द्वारा:
कथनकारण
CPCT (B ↔ C)
CPCT (B ↔ C)
(iii) AP, ∠A और ∠D दोनों को समद्विभाजित करता है

(1) से , अतः AP, ∠A को समद्विभाजित करता है।

और में,
कथनकारण
भुजादिया है
भुजाउभयनिष्ठ भुजा
भुजा(2) से
SSS सर्वांगसमता नियम द्वारा
संगत शीर्ष: , ,
कथनकारण
CPCT (B ↔ C)

अतः AP (अर्थात् उसका भाग DP), ∠D (∠BDC) को समद्विभाजित करता है।

(iv) AP, BC का लम्ब समद्विभाजक है
(4) रैखिक युग्म अभिगृहीत (अभिगृहीत 6.1): यदि एक किरण एक रेखा पर खड़ी हो, तो इस प्रकार बने दोनों आसन्न कोणों का योग होता है।
(किरण PA रेखा BC पर खड़ी है (रैखिक युग्म))((3) से ∠APC = ∠APB रखने पर)(∠APB + ∠APB = 2∠APB)
(2 को पक्षांतर करने पर (गुणा → भाग))(180 ÷ 2 = 90)

अतः और (2) से ; इसलिए AP, BC का लम्ब समद्विभाजक है।

उत्तर:
(i) (SSS)
(ii) (SAS)
(iii) और
(iv) और — सभी सिद्ध हुए।
प्रश्न 2

एक समद्विबाहु त्रिभुज का एक शीर्षलम्ब है, जिसमें है। दर्शाइए कि(i) रेखाखंड को समद्विभाजित करता है।(ii) कोण को समद्विभाजित करता है।

ज्ञात है
में
शीर्षलम्ब है:
ज्ञात करना है
सिद्ध करना है:
(i)
(ii)
(पुस्तक में इस प्रश्न की आकृति नहीं दी है; नीचे हल के लिए आकृति बनाई गई है।)
ABCD
हल की आकृति: कर्ण AB = AC लाल, समकोण बैंगनी, AD हरी (उभयनिष्ठ)
कर्ण AB = ACसमकोणAD उभयनिष्ठBD, CD∠BAD, ∠CAD
(1) प्रमेय 7.5 (RHS सर्वांगसमता नियम): यदि दो समकोण त्रिभुजों में, एक त्रिभुज का कर्ण और एक भुजा क्रमशः दूसरे त्रिभुज के कर्ण और एक भुजा के बराबर हों, तो दोनों त्रिभुज सर्वांगसम होते हैं।
समकोण और समकोण में,
कथनकारण
समकोणदोनों 90° हैं (AD ⊥ BC)
कर्णदिया है (दोनों कर्ण हैं)
भुजाउभयनिष्ठ भुजा
RHS सर्वांगसमता नियम द्वारा
संगत शीर्ष: , ,
(2) CPCT (सर्वांगसम त्रिभुजों के संगत भाग): दो त्रिभुज सर्वांगसम हों, तो उनके संगत भाग (संगत भुजाएँ और संगत कोण) बराबर होते हैं।
(i)
कथनकारण
CPCT (B ↔ C)

अतः AD, रेखाखंड BC को समद्विभाजित करता है।

(ii)
कथनकारण
CPCT (B ↔ C)

अतः AD, कोण A को समद्विभाजित करता है।

उत्तर:
(i) , AD रेखाखंड BC को समद्विभाजित करता है
(ii) , AD कोण A को समद्विभाजित करता है।
प्रश्न 3

एक त्रिभुज की दो भुजाएँ और तथा माध्यिका क्रमशः एक दूसरे त्रिभुज की भुजाओं और तथा माध्यिका के बराबर हैं (देखिए आकृति 7.40)। दर्शाइए कि(i) (ii)

ज्ञात है


माध्यिकाएँ
(M, BC का और N, QR का मध्य-बिंदु)
ज्ञात करना है
सिद्ध करना है:
(i)
(ii)
ABCMPQRN
आकृति 7.40
ABCMPQRN
हल की आकृति: AB = PQ लाल, BM = QN नारंगी (MC, NR भी उतने ही), AM = PN हरे-नीले; ∠B = ∠Q नीले
AB = PQBM = QNAM = PN∠B = ∠Q
(i)
(1) बराबरों के आधे: बराबर राशियों के आधे भी बराबर होते हैं।
(दिया है)
((1) के दोनों पक्षों को 2 से भाग देने पर)
(M, BC का मध्य-बिंदु (BM = ½BC); N, QR का मध्य-बिंदु (QN = ½QR))
(2) प्रमेय 7.4 (SSS सर्वांगसमता नियम): यदि एक त्रिभुज की तीनों भुजाएँ एक अन्य त्रिभुज की तीनों भुजाओं के बराबर हों, तो दोनों त्रिभुज सर्वांगसम होते हैं।
और में,
कथनकारण
भुजादिया है
भुजा(2) से
भुजादिया है (माध्यिकाएँ)
SSS सर्वांगसमता नियम द्वारा
संगत शीर्ष: , ,
(ii)
(3) CPCT (सर्वांगसम त्रिभुजों के संगत भाग): दो त्रिभुज सर्वांगसम हों, तो उनके संगत भाग (संगत भुजाएँ और संगत कोण) बराबर होते हैं।
कथनकारण
(i) से CPCT (B ↔ Q)
∠ABM ही ∠ABC है और ∠PQN ही ∠PQR है (M, BC पर; N, QR पर)
(4) अभिगृहीत 7.1 (SAS सर्वांगसमता नियम): दो त्रिभुज सर्वांगसम होते हैं, यदि एक त्रिभुज की दो भुजाएँ और उनका अंतर्गत कोण दूसरे त्रिभुज की दो भुजाओं और उनके अंतर्गत कोण के बराबर हों।
और में,
कथनकारण
भुजादिया है
कोण(3) से
भुजादिया है
SAS सर्वांगसमता नियम द्वारा
संगत शीर्ष: , ,
उत्तर:
(i) (SSS)
(ii) (SAS) — दोनों सिद्ध हुए।
प्रश्न 4

और एक त्रिभुज के दो बराबर शीर्षलम्ब हैं। RHS सर्वांगसमता नियम का प्रयोग करके सिद्ध कीजिए कि एक समद्विबाहु त्रिभुज है।

ज्ञात है
में ,
ज्ञात करना है
सिद्ध करना है (RHS से): समद्विबाहु है, अर्थात्
(पुस्तक में इस प्रश्न की आकृति नहीं दी है; नीचे हल के लिए आकृति बनाई गई है।)
ABCEF
हल की आकृति: BE = CF नारंगी, कर्ण BC हरी (उभयनिष्ठ), समकोण बैंगनी
BE = CFकर्ण BC उभयनिष्ठसमकोण ∠BEC, ∠CFB∠ECB = ∠FBCAB, AC
(1) प्रमेय 7.5 (RHS सर्वांगसमता नियम): यदि दो समकोण त्रिभुजों में, एक त्रिभुज का कर्ण और एक भुजा क्रमशः दूसरे त्रिभुज के कर्ण और एक भुजा के बराबर हों, तो दोनों त्रिभुज सर्वांगसम होते हैं।
समकोण और समकोण में,
कथनकारण
समकोणदोनों 90° हैं (BE ⊥ AC, CF ⊥ AB)
कर्णउभयनिष्ठ कर्ण
भुजादिया है
RHS सर्वांगसमता नियम द्वारा
संगत शीर्ष: , ,
(2) CPCT (सर्वांगसम त्रिभुजों के संगत भाग): दो त्रिभुज सर्वांगसम हों, तो उनके संगत भाग (संगत भुजाएँ और संगत कोण) बराबर होते हैं।
कथनकारण
CPCT (C ↔ B)
∠ECB ही ∠ACB है और ∠FBC ही ∠ABC है
(3) प्रमेय 7.3: किसी त्रिभुज के बराबर कोणों की सम्मुख भुजाएँ बराबर होती हैं।
कथनकारण
बराबर कोणों की सम्मुख भुजाएँ: ∠ACB के सामने AB, ∠ABC के सामने AC
उत्तर: , अतः एक समद्विबाहु त्रिभुज है। सिद्ध हुआ।
प्रश्न 5

ABC एक समद्विबाहु त्रिभुज है जिसमें है। खींच कर दर्शाइए कि है।

ज्ञात है
में
ज्ञात करना है
सिद्ध करना है:
(पुस्तक में इस प्रश्न की आकृति नहीं दी है; नीचे हल के लिए आकृति बनाई गई है।)
ABCP
हल की आकृति: रचना AP ⊥ BC (हरी बिंदुदार); कर्ण AB = AC लाल
कर्ण AB = ACसमकोणAP उभयनिष्ठ∠B, ∠C

रचना: से पर लम्ब खींचिए।

(1) प्रमेय 7.5 (RHS सर्वांगसमता नियम): यदि दो समकोण त्रिभुजों में, एक त्रिभुज का कर्ण और एक भुजा क्रमशः दूसरे त्रिभुज के कर्ण और एक भुजा के बराबर हों, तो दोनों त्रिभुज सर्वांगसम होते हैं।
समकोण और समकोण में,
कथनकारण
समकोणदोनों 90° हैं (रचना से AP ⊥ BC)
कर्णदिया है (दोनों कर्ण हैं)
भुजाउभयनिष्ठ भुजा
RHS सर्वांगसमता नियम द्वारा
संगत शीर्ष: , ,
(2) CPCT (सर्वांगसम त्रिभुजों के संगत भाग): दो त्रिभुज सर्वांगसम हों, तो उनके संगत भाग (संगत भुजाएँ और संगत कोण) बराबर होते हैं।
कथनकारण
CPCT (B ↔ C)
∠ABP ही ∠B है और ∠ACP ही ∠C है
उत्तर: सिद्ध हुआ।
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यह हल MP Board (MPBSE) कक्षा 9 गणित की पाठ्यपुस्तक के अध्याय 7 ‘त्रिभुज’ के अनुसार है।