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प्रश्नावली 7.2 के हल

कक्षा 9 गणित · अध्याय 7: त्रिभुज · 8 प्रश्न

प्र. 1प्र. 2प्र. 3प्र. 4प्र. 5प्र. 6प्र. 7प्र. 8
प्रश्न 1

एक समद्विबाहु त्रिभुज में जिसमें है, और के समद्विभाजक परस्पर बिंदु पर प्रतिच्छेद करते हैं। और को जोड़िए। दर्शाइए कि(i) (ii) कोण को समद्विभाजित करता है

ज्ञात है
में
, का और , का समद्विभाजक है
ज्ञात करना है
सिद्ध करना है:
(i)
(ii) , को समद्विभाजित करता है:
(पुस्तक में इस प्रश्न की आकृति नहीं दी है; नीचे हल के लिए आकृति बनाई गई है।)
ABCO
हल की आकृति: AB = AC लाल, चारों आधे कोण नीले, OB = OC नारंगी
AB = AC∠B और ∠C के आधेOB = OCAO उभयनिष्ठ∠BAO, ∠CAO
चरण 1: आधे कोण बराबर हैं
(1) प्रमेय 7.2: एक समद्विबाहु त्रिभुज की बराबर भुजाओं के सम्मुख कोण बराबर होते हैं।
(AB = AC, बराबर भुजाओं के सम्मुख कोण (प्रमेय 7.2))
(2) बराबरों के आधे: बराबर राशियों के आधे भी बराबर होते हैं।
(BO, ∠B का समद्विभाजक है)((1) से ∠ABC = ∠ACB रखने पर)(CO, ∠C का समद्विभाजक है)
(इसी प्रकार ∠B का आधा = ∠C का आधा)
(i)
(3) प्रमेय 7.3: किसी त्रिभुज के बराबर कोणों की सम्मुख भुजाएँ बराबर होती हैं।
में,
कथनकारण
(2) से
बराबर कोणों की सम्मुख भुजाएँ (प्रमेय 7.3): ∠OBC के सामने OC, ∠OCB के सामने OB
(ii) , को समद्विभाजित करता है
(4) अभिगृहीत 7.1 (SAS सर्वांगसमता नियम): दो त्रिभुज सर्वांगसम होते हैं, यदि एक त्रिभुज की दो भुजाएँ और उनका अंतर्गत कोण दूसरे त्रिभुज की दो भुजाओं और उनके अंतर्गत कोण के बराबर हों।
और में,
कथनकारण
भुजादिया है
कोण(3) से
भुजा(4) से
SAS सर्वांगसमता नियम द्वारा
संगत शीर्ष: , ,
(5) CPCT (सर्वांगसम त्रिभुजों के संगत भाग): दो त्रिभुज सर्वांगसम हों, तो उनके संगत भाग (संगत भुजाएँ और संगत कोण) बराबर होते हैं।
कथनकारण
CPCT (B ↔ C)

अतः , को समद्विभाजित करता है।

उत्तर:
(i)
(ii) , अर्थात् AO कोण A को समद्विभाजित करता है।
प्रश्न 2

में भुजा का लम्ब समद्विभाजक है (देखिए आकृति 7.30)। दर्शाइए कि एक समद्विबाहु त्रिभुज है, जिसमें है।

ज्ञात है
, भुजा का लम्ब समद्विभाजक है:
और
ज्ञात करना है
सिद्ध करना है: (त्रिभुज समद्विबाहु है)
ABCD
आकृति 7.30
ABCD
हल की आकृति: BD = DC लाल, समकोण बैंगनी, AD हरी (उभयनिष्ठ)
BD = DCसमकोण ∠ADB, ∠ADCAD उभयनिष्ठAB, AC
(1) अभिगृहीत 7.1 (SAS सर्वांगसमता नियम): दो त्रिभुज सर्वांगसम होते हैं, यदि एक त्रिभुज की दो भुजाएँ और उनका अंतर्गत कोण दूसरे त्रिभुज की दो भुजाओं और उनके अंतर्गत कोण के बराबर हों।
और में,
कथनकारण
भुजाAD, BC को समद्विभाजित करता है
कोणदोनों 90° हैं (AD ⊥ BC)
भुजाउभयनिष्ठ भुजा
SAS सर्वांगसमता नियम द्वारा
संगत शीर्ष: , ,
(2) CPCT (सर्वांगसम त्रिभुजों के संगत भाग): दो त्रिभुज सर्वांगसम हों, तो उनके संगत भाग (संगत भुजाएँ और संगत कोण) बराबर होते हैं।
कथनकारण
CPCT (B ↔ C, इसलिए AB ↔ AC)
उत्तर: , अतः एक समद्विबाहु त्रिभुज है। सिद्ध हुआ।
प्रश्न 3

ABC एक समद्विबाहु त्रिभुज है, जिसमें बराबर भुजाओं और पर क्रमशः शीर्षलम्ब और खींचे गए हैं (देखिए आकृति 7.31)। दर्शाइए कि ये शीर्षलम्ब बराबर हैं।

ज्ञात है
में
,
ज्ञात करना है
सिद्ध करना है:
ABCEF
आकृति 7.31
ABCEF
हल की आकृति: AB = AC लाल, उभयनिष्ठ ∠A नीला, समकोण बैंगनी
AB = AC∠A उभयनिष्ठसमकोण ∠AEB, ∠AFCBE, CF
(1) AAS सर्वांगसमता नियम: दो त्रिभुज सर्वांगसम होते हैं, यदि इन त्रिभुजों के दो कोणों के युग्म बराबर हों और संगत भुजाओं का एक युग्म बराबर हो।
और में,
कथनकारण
कोणदोनों 90° हैं (BE ⊥ AC, CF ⊥ AB)
कोणउभयनिष्ठ कोण ∠A
भुजादिया है
AAS सर्वांगसमता नियम द्वारा
संगत शीर्ष: , ,
भुजा समकोण के सामने है और समकोण के सामने — ये संगत भुजाएँ हैं ✔
(2) CPCT (सर्वांगसम त्रिभुजों के संगत भाग): दो त्रिभुज सर्वांगसम हों, तो उनके संगत भाग (संगत भुजाएँ और संगत कोण) बराबर होते हैं।
कथनकारण
CPCT (B ↔ C, E ↔ F)
उत्तर: शीर्षलम्ब , अर्थात् ये बराबर हैं। सिद्ध हुआ।
प्रश्न 4

ABC एक त्रिभुज है जिसमें और पर खींचे गए शीर्षलम्ब और बराबर हैं (देखिए आकृति 7.32)। दर्शाइए कि(i) (ii) , अर्थात् एक समद्विबाहु त्रिभुज है।

ज्ञात है
में ,
ज्ञात करना है
सिद्ध करना है:
(i)
(ii)
ABCEF
आकृति 7.32
ABCEF
हल की आकृति: BE = CF नारंगी, उभयनिष्ठ ∠A नीला, समकोण बैंगनी
BE = CF∠A उभयनिष्ठसमकोण ∠AEB, ∠AFCAB, AC
(i)
(1) AAS सर्वांगसमता नियम: दो त्रिभुज सर्वांगसम होते हैं, यदि इन त्रिभुजों के दो कोणों के युग्म बराबर हों और संगत भुजाओं का एक युग्म बराबर हो।
और में,
कथनकारण
कोणदोनों 90° हैं
कोणउभयनिष्ठ कोण ∠A
भुजादिया है
AAS सर्वांगसमता नियम द्वारा
संगत शीर्ष: , ,
भुजा कोण के सामने है और भी कोण के सामने — ये संगत भुजाएँ हैं ✔
(ii)
(2) CPCT (सर्वांगसम त्रिभुजों के संगत भाग): दो त्रिभुज सर्वांगसम हों, तो उनके संगत भाग (संगत भुजाएँ और संगत कोण) बराबर होते हैं।
कथनकारण
CPCT (B ↔ C, इसलिए AB ↔ AC)
उत्तर:
(i) (AAS)
(ii) , अर्थात् समद्विबाहु त्रिभुज है।
प्रश्न 5

ABC और DBC समान आधार पर स्थित दो समद्विबाहु त्रिभुज हैं (देखिए आकृति 7.33)। दर्शाइए कि है।

ज्ञात है
में
में
(दोनों का आधार BC)
ज्ञात करना है
सिद्ध करना है:
ABCD
आकृति 7.33
ABCD
हल की आकृति: ∠ABC = ∠ACB नीले, ∠DBC = ∠DCB हरे-नीले (दो चाप), बैंगनी बिंदुदार = ∠ABD, ∠ACD
AB = ACDB = DC∠ABC = ∠ACB∠DBC = ∠DCB∠ABD, ∠ACD
(1) प्रमेय 7.2: एक समद्विबाहु त्रिभुज की बराबर भुजाओं के सम्मुख कोण बराबर होते हैं।
(△ABC में AB = AC, बराबर भुजाओं के सम्मुख कोण)
(△DBC में DB = DC, बराबर भुजाओं के सम्मुख कोण)
(2) यूक्लिड की अभिधारणा: यदि बराबरों को बराबरों में जोड़ा जाए, तो पूर्ण भी बराबर होते हैं।
((1) और (2) को जोड़ने पर)
(किरण BC, ∠ABD के अंदर है)
(किरण CB, ∠ACD के अंदर है)
(ऊपर के तीनों कथनों से)
उत्तर: सिद्ध हुआ।
प्रश्न 6

ABC एक समद्विबाहु त्रिभुज है, जिसमें है। भुजा बिंदु तक इस प्रकार बढ़ाई गई है कि है (देखिए आकृति 7.34)। दर्शाइए कि एक समकोण है।

ज्ञात है
में
को तक बढ़ाया:
ज्ञात करना है
सिद्ध करना है:
ABCD
आकृति 7.34
ABCD
हल की आकृति: △ABC के बराबर कोण नीले, △ACD के बराबर कोण नारंगी (दो चाप)
AB, AC, AD बराबर∠ABC = ∠ACB∠ACD = ∠ADC∠BCD
(1) प्रमेय 7.2: एक समद्विबाहु त्रिभुज की बराबर भुजाओं के सम्मुख कोण बराबर होते हैं।
में,
कथनकारण
AB = AC, बराबर भुजाओं के सम्मुख कोण
में,
कथनकारण
दिया है
दिया है
दोनों AB के बराबर हैं
AD = AC, बराबर भुजाओं के सम्मुख कोण
(2) त्रिभुज के कोणों का योग गुण: त्रिभुज के तीनों कोणों का योग होता है।

में:

(त्रिभुज के कोणों का योग)
(किरण CA, ∠BCD के अंदर है)
((1) से ∠DBC = ∠ACB, (3) से ∠BCD, (2) से ∠CDB = ∠ACD रखने पर)(समान पद जोड़ने पर)(2 उभयनिष्ठ लेने पर)
(2 को पक्षांतर करने पर (गुणा → भाग))(180 ÷ 2 = 90)
((3) से ∠BCD = ∠ACB + ∠ACD)
जाँच (आकृति में लिया है): , , तो , अर्थात् ✔
उत्तर: , अर्थात् एक समकोण है। सिद्ध हुआ।
प्रश्न 7

ABC एक समकोण त्रिभुज है, जिसमें और है। और ज्ञात कीजिए।

ज्ञात है
में
ज्ञात करना है
और
(पुस्तक में इस प्रश्न की आकृति नहीं दी है; नीचे हल के लिए आकृति बनाई गई है।)
45°45°ABC
हल की आकृति: AB = AC लाल, ∠A = 90° बैंगनी, ∠B = ∠C नीले
(1) प्रमेय 7.2: एक समद्विबाहु त्रिभुज की बराबर भुजाओं के सम्मुख कोण बराबर होते हैं।
(AB = AC; AB के सामने ∠C और AC के सामने ∠B है)
(2) त्रिभुज के कोणों का योग गुण: त्रिभुज के तीनों कोणों का योग होता है।
(△ABC के कोणों का योग)(∠A = 90° और (1) से ∠C = ∠B रखने पर)(∠B + ∠B = 2∠B)
(+90° को पक्षांतर करने पर −90° हो जाता है)(180 − 90 = 90)
(2 को पक्षांतर करने पर (गुणा → भाग))(90 ÷ 2 = 45)
((1) से)(∠B = 45°)
जाँच: ✔
उत्तर:
(i)
(ii)
प्रश्न 8

दर्शाइए कि किसी समबाहु त्रिभुज का प्रत्येक कोण होता है।

ज्ञात है
समबाहु है: और
ज्ञात करना है
सिद्ध करना है: , , प्रत्येक
(पुस्तक में इस प्रश्न की आकृति नहीं दी है; नीचे हल के लिए आकृति बनाई गई है।)
60°60°60°ABC
हल की आकृति: तीनों भुजाएँ बराबर (लाल), तीनों कोण बराबर (नीले)
(1) प्रमेय 7.2: एक समद्विबाहु त्रिभुज की बराबर भुजाओं के सम्मुख कोण बराबर होते हैं।
(AB = AC; AB के सामने ∠C और AC के सामने ∠B)
(AB = BC; AB के सामने ∠C और BC के सामने ∠A)
(2) त्रिभुज के कोणों का योग गुण: त्रिभुज के तीनों कोणों का योग होता है।
(△ABC के कोणों का योग)((2) से ∠A = ∠C, (1) से ∠B = ∠C रखने पर)(∠C + ∠C + ∠C = 3∠C)
(3 को पक्षांतर करने पर (गुणा → भाग))(180 ÷ 3 = 60)
((2) से)
((1) से)
उत्तर:
(i)
(ii)
(iii) — समबाहु त्रिभुज का प्रत्येक कोण 60° है।
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यह हल MP Board (MPBSE) कक्षा 9 गणित की पाठ्यपुस्तक के अध्याय 7 ‘त्रिभुज’ के अनुसार है।