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प्रश्नावली 5.1 के हल

कक्षा 9 गणित · अध्याय 5: यूक्लिड की ज्यामिति का परिचय · 7 प्रश्न

प्र. 1प्र. 2प्र. 3प्र. 4प्र. 5प्र. 6प्र. 7
प्रश्न 1

निम्नलिखित कथनों में से कौन-से कथन सत्य हैं और कौन-से कथन असत्य हैं? अपने उत्तरों के लिए कारण दीजिए।(i) एक बिंदु से होकर केवल एक ही रेखा खींची जा सकती है।(ii) दो भिन्न बिंदुओं से होकर जाने वाली असंख्य रेखाएँ हैं।(iii) एक सांत रेखा दोनों ओर अनिश्चित रूप से बढ़ाई जा सकती है।(iv) यदि दो वृत्त बराबर हैं, तो उनकी त्रिज्याएँ बराबर होती हैं।(v) आकृति 5.9 में, यदि और है, तो होगा।

सूत्र (यूक्लिड के अभिगृहीत (जो इस प्रश्नावली में काम आते हैं)):
(1)वे वस्तुएँ जो एक ही वस्तु के बराबर हों, एक दूसरे के बराबर होती हैं।
(2)यदि बराबरों को बराबरों में जोड़ा जाए, तो पूर्ण भी बराबर होते हैं।
(3)यदि बराबरों को बराबरों में से घटाया जाए, तो शेषफल भी बराबर होते हैं।
(4)वे वस्तुएँ जो परस्पर संपाती हों, एक दूसरे के बराबर होती हैं।
(5)पूर्ण अपने भाग से बड़ा होता है।
(6)एक ही वस्तुओं के दुगुने परस्पर बराबर होते हैं।
(7)एक ही वस्तुओं के आधे परस्पर बराबर होते हैं।
(i) एक बिंदु से होकर केवल एक ही रेखा खींची जा सकती है।

एक बिंदु P लीजिए। P से होकर हम किसी भी दिशा में रेखा खींच सकते हैं, और दिशाएँ अनगिनत हैं।

P
चित्र 1: एक बिंदु P से होकर अनेक रेखाएँ
उत्तर: असत्य एक बिंदु से होकर असंख्य (अनगिनत) रेखाएँ खींची जा सकती हैं।
(ii) दो भिन्न बिंदुओं से होकर जाने वाली असंख्य रेखाएँ हैं।

अभिगृहीत 5.1: दिए हुए दो भिन्न बिंदुओं से होकर एक अद्वितीय (केवल एक) रेखा खींची जा सकती है।

PQ
चित्र 2: दो भिन्न बिंदुओं P, Q से होकर केवल एक रेखा
उत्तर: असत्य दो भिन्न बिंदुओं से होकर केवल एक ही रेखा जाती है।
(iii) एक सांत रेखा दोनों ओर अनिश्चित रूप से बढ़ाई जा सकती है।

यूक्लिड की अभिधारणा 2: एक सांत रेखा (रेखाखंड) को अनिश्चित रूप से बढ़ाया जा सकता है।

AB←→
चित्र 3: सांत रेखा AB को दोनों ओर बढ़ाना (बिंदुदार भाग)
उत्तर: सत्य यह यूक्लिड की दूसरी अभिधारणा है।
(iv) यदि दो वृत्त बराबर हैं, तो उनकी त्रिज्याएँ बराबर होती हैं।

दो वृत्त बराबर हैं, तो एक को दूसरे पर रखने पर वे पूरी तरह संपाती होते हैं (एक-दूसरे को पूरा ढक लेते हैं)।

तब दोनों के केंद्र और भी एक ही बिंदु पर आते हैं और परिधियाँ भी मिल जाती हैं।

OrO′r′
चित्र 4: दो बराबर वृत्त, त्रिज्याएँ r और r′

इसलिए केंद्र से परिधि तक की दूरी, अर्थात् त्रिज्याएँ, संपाती होती हैं। अभिगृहीत 4 से:

=
उत्तर: सत्य बराबर वृत्त संपाती होते हैं, इसलिए उनकी त्रिज्याएँ बराबर होती हैं (अभिगृहीत 4)।
(v) आकृति 5.9 में, यदि और है, तो होगा।
ABPQXY
आकृति 5.9: रेखाखंड AB, PQ और XY

यहाँ और दोनों एक ही वस्तु के बराबर हैं।

==

अभिगृहीत 1 (एक ही वस्तु के बराबर वस्तुएँ परस्पर बराबर) से:

=
उत्तर: सत्य अभिगृहीत 1 के अनुसार।
कथनउत्तरकारण
(i)असत्यएक बिंदु से असंख्य रेखाएँ
(ii)असत्यअभिगृहीत 5.1: केवल एक रेखा
(iii)सत्यअभिधारणा 2
(iv)सत्यअभिगृहीत 4 (संपाती)
(v)सत्यअभिगृहीत 1
प्रश्न 2

निम्नलिखित पदों में से प्रत्येक की परिभाषा दीजिए। क्या इनके लिए कुछ ऐसे पद हैं, जिन्हें परिभाषित करने की आवश्यकता है? वे क्या हैं और आप इन्हें कैसे परिभाषित कर पाएँगे?(i) समांतर रेखाएँ(ii) लम्ब रेखाएँ(iii) रेखाखंड(iv) वृत्त की त्रिज्या(v) वर्ग

अपरिभाषित पद: बिंदु, रेखा और तल ज्यामिति के मूल पद हैं। इन्हें परिभाषित नहीं किया जाता, केवल समझा जाता है। बाकी परिभाषाएँ इन्हीं पर टिकी हैं।
(i) समांतर रेखाएँ

परिभाषा: एक ही तल में स्थित दो रेखाएँ जो दोनों ओर कितनी भी बढ़ाने पर कभी प्रतिच्छेद नहीं करतीं (नहीं मिलतीं), समांतर रेखाएँ कहलाती हैं। लिखते हैं ।

lm
चित्र 5: समांतर रेखाएँ l ∥ m (कभी नहीं मिलतीं)

पहले परिभाषित होने चाहिए: बिंदु, रेखा, तल (अपरिभाषित) और प्रतिच्छेद करना।

(ii) लम्ब रेखाएँ

परिभाषा: दो रेखाएँ जो एक-दूसरे को प्रतिच्छेद करें और प्रतिच्छेद बिंदु पर समकोण () बनाएँ, लम्ब रेखाएँ कहलाती हैं। लिखते हैं ।

Olm
चित्र 6: लम्ब रेखाएँ l ⊥ m (O पर समकोण का चिह्न)

पहले परिभाषित होने चाहिए: रेखा, प्रतिच्छेद बिंदु, कोण और समकोण।

(iii) रेखाखंड

परिभाषा: किसी रेखा का वह भाग जिसके दो अंत बिंदु हों, रेखाखंड कहलाता है। दो अंत बिंदु और वाले रेखाखंड को लिखते हैं।

AB
चित्र 7: रेखाखंड AB (दो अंत बिंदु)

पहले परिभाषित होने चाहिए: बिंदु, रेखा और अंत बिंदु।

(iv) वृत्त की त्रिज्या

परिभाषा: वृत्त के केंद्र को वृत्त के किसी भी बिंदु से मिलाने वाला रेखाखंड वृत्त की त्रिज्या कहलाता है, जैसे ।

OPr
चित्र 8: केंद्र O, त्रिज्या OP = r

पहले परिभाषित होने चाहिए: वृत्त (एक तल के वे सभी बिंदु जो एक स्थिर बिंदु से बराबर दूरी पर हों), केंद्र और रेखाखंड।

(v) वर्ग

परिभाषा: वह चतुर्भुज जिसकी चारों भुजाएँ बराबर हों और चारों कोण समकोण हों, वर्ग कहलाता है।

ABCD
चित्र 9: वर्ग ABCD (चारों भुजाएँ बराबर, चारों कोण समकोण)

पहले परिभाषित होने चाहिए: चतुर्भुज, भुजा, कोण और समकोण।

उत्तर: हाँ, इन परिभाषाओं के लिए कुछ और पद परिभाषित करने पड़ते हैं, जैसे कोण, समकोण, प्रतिच्छेद, अंत बिंदु, वृत्त, केंद्र, चतुर्भुज। ये सब अंत में बिंदु, रेखा और तल पर टिके हैं, जो अपरिभाषित पद हैं।
प्रश्न 3

नीचे दी हुई दो अभिधारणाओं पर विचार कीजिए: (i) दो भिन्न बिंदु और दिए रहने पर, एक तीसरा बिंदु ऐसा विद्यमान है जो और के बीच स्थित होता है।(ii) यहाँ कम से कम ऐसे तीन बिंदु विद्यमान हैं कि वे एक रेखा पर स्थित नहीं हैं।क्या इन अभिधारणाओं में कोई अपरिभाषित शब्द हैं? क्या ये अभिधारणाएँ अविरोधी हैं? क्या ये यूक्लिड की अभिधारणाओं से प्राप्त होती हैं? स्पष्ट कीजिए।

ABC
चित्र 10: A और B के बीच बिंदु C
PQR
चित्र 11: P, Q एक रेखा पर; R उस रेखा पर नहीं
अपरिभाषित शब्द

दोनों अभिधारणाओं में बिंदु और रेखा शब्द आए हैं। ये ज्यामिति के अपरिभाषित पद हैं।

इनके अलावा ‘के बीच स्थित’ शब्द भी है, जिसे यूक्लिड ने परिभाषित नहीं किया है।

उत्तर: हाँ, बिंदु और रेखा अपरिभाषित शब्द हैं।
क्या ये अविरोधी हैं?

अभिधारणा (i) एक रेखाखंड पर बिंदुओं की बात करती है; अभिधारणा (ii) कहती है कि सभी बिंदु एक ही रेखा पर नहीं होते।

दोनों अलग-अलग स्थितियों की बात करती हैं, इसलिए इनसे कोई ऐसा कथन नहीं बनता जो किसी अभिगृहीत या सिद्ध कथन के विरोध में हो।

उत्तर: हाँ, ये अभिधारणाएँ अविरोधी हैं।
क्या ये यूक्लिड की अभिधारणाओं से प्राप्त होती हैं?

यूक्लिड की पाँचों अभिधारणाओं में से कोई भी यह नहीं कहती कि दो बिंदुओं के बीच तीसरा बिंदु होता है, या तीन असंरेख बिंदु होते हैं।

परंतु अभिगृहीत 5.1 (दो भिन्न बिंदुओं से होकर एक अद्वितीय रेखा) की सहायता से इन्हें समझा जा सकता है: और से होकर जाने वाली रेखा पर और के बीच बिंदु लिया जा सकता है; और उस रेखा के बाहर एक बिंदु लेने पर तीन असंरेख बिंदु मिलते हैं।

उत्तर: नहीं, ये यूक्लिड की अभिधारणाओं से प्राप्त नहीं होतीं। ये अभिगृहीत 5.1 से प्राप्त होती हैं।
प्रश्न 4

यदि दो बिंदुओं और के बीच एक बिंदु ऐसा स्थित है कि है, तो सिद्ध कीजिए कि है। एक आकृति खींच कर इसे स्पष्ट कीजिए।

ABC
चित्र 12: AC = BC (बराबर भाग एक-एक चिह्न से)

दिया है: बिंदु , और के बीच स्थित है तथा ।

सिद्ध करना है:

उपपत्ति:

1.   ...(1)
कारण: दिया है
2.   ...(2)
कारण: (1) के दोनों पक्षों में जोड़ा (अभिगृहीत 2: बराबरों में बराबर जोड़ने पर पूर्ण बराबर)
3.   ...(3)
कारण: , और के बीच है, इसलिए दोनों भाग मिलकर पूरा बनाते हैं (संपाती, अभिगृहीत 4)
4.
कारण: (2) और (3) से (अभिगृहीत 1: एक ही वस्तु के बराबर वस्तुएँ परस्पर बराबर)
5.
कारण:
6.
कारण: दोनों पक्षों को 2 से भाग दिया (अभिगृहीत 7: बराबरों के आधे बराबर)
उत्तर: सिद्ध हुआ।
प्रश्न 5

प्रश्न 4 में, रेखाखंड का एक मध्य-बिंदु कहलाता है। सिद्ध कीजिए कि एक रेखाखंड का एक और केवल एक ही मध्य-बिंदु होता है।

सिद्ध करना है: रेखाखंड का एक और केवल एक मध्य-बिंदु होता है।

उपपत्ति: मान लीजिए रेखाखंड के दो मध्य-बिंदु और हैं।

ABCD
चित्र 13: मान लीजिए C और D दोनों मध्य-बिंदु हैं
1.   ...(1)
कारण: मध्य-बिंदु है (प्रश्न 4 से)
2.   ...(2)
कारण: भी मध्य-बिंदु है (प्रश्न 4 से)
3.
कारण: (1) और (2) से, दोनों एक ही वस्तु के बराबर हैं (अभिगृहीत 1)
4.यदि , से अलग हो, तो और में से एक दूसरे का भाग होगा, और पूर्ण अपने भाग से बड़ा होता है, इसलिए वे बराबर नहीं हो सकते।
कारण: अभिगृहीत 5
5. तभी संभव है जब और एक ही बिंदु हों, अर्थात् संपाती हों।
कारण: ऊपर के चरण 3 और 4 से
उत्तर: हमारी यह मान्यता गलत है कि दो अलग मध्य-बिंदु हैं। अतः रेखाखंड का एक और केवल एक ही मध्य-बिंदु होता है।
प्रश्न 6

आकृति 5.10 में, यदि है, तो सिद्ध कीजिए कि है।

ABCDACBD
आकृति 5.10: एक रेखा पर बिंदु A, B, C, D

दिया है:

सिद्ध करना है:

उपपत्ति:

1.   ...(1)
कारण: , और के बीच है
2.   ...(2)
कारण: , और के बीच है
3.   ...(3)
कारण: दिया है
4.
कारण: (1), (2) को (3) में रखने पर (अभिगृहीत 1)
5.
कारण: दोनों पक्षों में से घटाया (अभिगृहीत 3: बराबरों में से बराबर घटाने पर शेषफल बराबर)
6.
कारण:
उत्तर: सिद्ध हुआ।
प्रश्न 7

यूक्लिड की अभिगृहीतों की सूची में दिया हुआ अभिगृहीत 5 एक सर्वव्यापी सत्य क्यों माना जाता है? (ध्यान दीजिए कि यह प्रश्न पाँचवीं अभिधारणा से संबंधित नहीं है।)

अभिगृहीत 5: पूर्ण अपने भाग से बड़ा होता है।

यह अभिगृहीत केवल ज्यामिति के लिए नहीं, बल्कि हर प्रकार की राशि (संख्या, लंबाई, क्षेत्रफल, भार, धन आदि) के लिए सत्य है। इसलिए इसे सर्वव्यापी सत्य माना जाता है।

उदाहरण 1 (संख्या): । यहाँ 10 पूर्ण है और 6 उसका एक भाग है:
=

और

उदाहरण 2 (रेखाखंड): यदि , पर और के बीच हो, तो , इसलिए ।
उदाहरण 3 (दैनिक जीवन): एक पूरी रोटी उसके आधे टुकड़े से बड़ी होती है।
उत्तर: क्योंकि ‘पूर्ण अपने भाग से बड़ा होता है’ हर क्षेत्र की हर प्रकार की राशि पर लागू होता है, इसलिए अभिगृहीत 5 एक सर्वव्यापी सत्य माना जाता है।
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यह हल MP Board (MPBSE) कक्षा 9 गणित की पाठ्यपुस्तक के अध्याय 5 ‘यूक्लिड की ज्यामिति का परिचय’ के अनुसार है।