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प्रश्नावली 1.3 के हल

कक्षा 9 गणित · अध्याय 1: संख्या पद्धति · 9 प्रश्न (वास्तविक संख्याएँ और उनके दशमलव प्रसार)

प्र. 1प्र. 2प्र. 3प्र. 4प्र. 5प्र. 6प्र. 7प्र. 8प्र. 9
प्रश्न 1

निम्नलिखित भिन्नों को दशमलव रूप में लिखिए और बताइए कि प्रत्येक का दशमलव प्रसार किस प्रकार का है:(i) (ii) (iii) (iv) (v) (vi)

सूत्र (दशमलव प्रसार के प्रकार):
(1)सांत (terminating): भाग देते-देते शेषफल 0 हो जाता है।
(2)असांत आवर्ती (non-terminating recurring): शेषफल 0 नहीं होता, अंकों का एक खंड बार-बार दोहराता है।
(i)
=
उत्तर: — सांत दशमलव प्रसार
(ii)
भाज्य÷ 11 से भागफल अंकशेषफल
101
10010
10091
10010
10091
10010
10091
10010
10091

(हर चरण में पिछले शेषफल के आगे 0 लगाकर, अर्थात 10 से गुणा करके, फिर से भाग दिया गया है।)

==

शेषफल 1 फिर से आ गया, इसलिए आगे वही अंक दोहराएँगे।

उत्तर: — असांत आवर्ती दशमलव प्रसार
(iii)
==

हर को 10 की घात बनाने के लिए अंश और हर को 125 से गुणा करते हैं:

===
उत्तर: — सांत दशमलव प्रसार
(iv)
भाज्य÷ 13 से भागफल अंकशेषफल
303
3024
4031
10010
10079
90612
12093
3024

(हर चरण में पिछले शेषफल के आगे 0 लगाकर, अर्थात 10 से गुणा करके, फिर से भाग दिया गया है।)

==

शेषफल 3 फिर से आ गया, इसलिए आगे वही अंक दोहराएँगे।

उत्तर: — असांत आवर्ती दशमलव प्रसार
(v)
भाज्य÷ 11 से भागफल अंकशेषफल
202
2019
9082
2019
9082
2019
9082
2019
9082

(हर चरण में पिछले शेषफल के आगे 0 लगाकर, अर्थात 10 से गुणा करके, फिर से भाग दिया गया है।)

==

शेषफल 2 फिर से आ गया, इसलिए आगे वही अंक दोहराएँगे।

उत्तर: — असांत आवर्ती दशमलव प्रसार
(vi)

हर को 10 की घात बनाने के लिए अंश और हर को 25 से गुणा करते हैं:

===
उत्तर: — सांत दशमलव प्रसार
उत्तर:
(i) (सांत)
(ii) (असांत आवर्ती)
(iii) (सांत)
(iv) (असांत आवर्ती)
(v) (असांत आवर्ती)
(vi) (सांत)
प्रश्न 2

आप जानते हैं कि है। वास्तव में, लंबा भाग दिए बिना क्या आप यह बता सकते हैं कि , , , , के दशमलव प्रसार क्या हैं? यदि हाँ, तो कैसे? [संकेत: का मान ज्ञात करते समय शेषफलों का अध्ययन सावधानी से कीजिए।]

ज्ञात है
ज्ञात करना है
, , , , के दशमलव प्रसार

हाँ, बिना लंबा भाग किए। = k × , अतः 0.142857… को k से गुणा करते हैं:

===
===
===
===
===

ध्यान दें: हर उत्तर में वही छः अंक 1, 4, 2, 8, 5, 7 इसी चक्रीय क्रम में आते हैं, केवल शुरुआत का अंक बदलता है। 1 ÷ 7 के भाग में शेषफल 3, 2, 6, 4, 5, 1 आते हैं।

उत्तर:
प्रश्न 3

निम्नलिखित को के रूप में व्यक्त कीजिए, जहाँ p और q पूर्णांक हैं तथा है:(i) (ii) (iii)

(i)

माना

=

एक अंक दोहराता है, इसलिए दोनों पक्षों को 10 से गुणा करते हैं:

=

(2) में से (1) घटाने पर:

=
=
पक्षांतर: x का गुणक 9 दाएँ पक्ष में जाकर भाग बन जाता है।
===
(ii)
=

दोनों पक्षों को 10 से गुणा करने पर:

=

फिर से 10 से गुणा करने पर (अर्थात मूल समीकरण को 100 से):

=

घटाने पर:

=
=
पक्षांतर: 90 दाएँ पक्ष में भाग बनकर जाता है।
=
(iii)
=

तीन अंक (001) दोहराते हैं, इसलिए 1000 से गुणा करते हैं:

=
=
=
पक्षांतर: 999 दाएँ पक्ष में भाग बनकर जाता है।
=
उत्तर:
(i)
(ii)
(iii)
प्रश्न 4

0.99999… को के रूप में व्यक्त कीजिए। क्या आप अपने उत्तर से आश्चर्यचकित हैं? अपने अध्यापक और कक्षा के सहयोगियों के साथ उत्तर की सार्थकता पर चर्चा कीजिए।

=

एक अंक (9) दोहराता है, इसलिए 10 से गुणा करते हैं:

=
=
=
पक्षांतर: 9 दाएँ पक्ष में भाग बनकर जाता है।
==

आश्चर्य की बात लगती है, पर 0.999… का अर्थ है अनंत तक 9 — 1 और 0.999… के बीच कोई भी संख्या नहीं बचती, इसलिए दोनों बराबर हैं। जैसे को 3 से गुणा करने पर ।

उत्तर: (p = 1, q = 1)
प्रश्न 5

के दशमलव प्रसार में अंकों के पुनरावृत्ति खंड में अंकों की अधिकतम संख्या क्या हो सकती है? अपने उत्तर की जाँच करने के लिए विभाजन-क्रिया कीजिए।

17 से भाग देने पर शेषफल केवल 1, 2, …, 16 हो सकते हैं (0 आने पर प्रसार सांत हो जाता, जो यहाँ नहीं होगा क्योंकि 17 में केवल 2 या 5 अभाज्य गुणनखंड नहीं हैं)। अतः अधिकतम 16 चरणों के बाद कोई शेषफल दोहराएगा, इसलिए पुनरावृत्ति खंड में अधिकतम 16 अंक हो सकते हैं।

जाँच के लिए भाग:

भाज्य÷ 17 से भागफल अंकशेषफल
101
10010
100515
150814
14084
4026
6039
9055
50216
16097
7042
2013
30113
130711
11068
80412
12071

(हर चरण में पिछले शेषफल के आगे 0 लगाकर, अर्थात 10 से गुणा करके, फिर से भाग दिया गया है।)

16वें चरण में शेषफल फिर 1 आ गया, अतः यहीं से अंक दोहराएँगे।

=
उत्तर: अधिकतम 16 अंक; में पुनरावृत्ति खंड पूरे 16 अंकों का है।
प्रश्न 6

के रूप की परिमेय संख्याओं के अनेक उदाहरण लीजिए, जहाँ p और q पूर्णांक हैं, जिनका 1 के अतिरिक्त अन्य कोई उभयनिष्ठ गुणनखंड नहीं है और जिसका सांत दशमलव निरूपण (प्रसार) है। क्या आप यह अनुमान लगा सकते हैं कि q को कौन-सा गुण अवश्य संतुष्ट करना चाहिए?

कुछ उदाहरण (हर के अभाज्य गुणनखंड भी देखिए):

परिमेय संख्यादशमलव प्रसारहर q के अभाज्य गुणनखंड
0.5
0.75
0.875
0.2
0.28
0.15
0.425
0.072

हर उदाहरण में q के अभाज्य गुणनखंडों में केवल 2 या 5 या दोनों हैं। ऐसे में अंश-हर को 2 या 5 की उचित घात से गुणा करके हर को 10, 100, 1000, … बनाया जा सकता है, इसलिए प्रसार सांत होता है। उदाहरण:

====
उत्तर: q के अभाज्य गुणनखंडन में केवल 2 या 5 या दोनों होने चाहिए, अर्थात (m, n पूर्ण संख्याएँ)।
प्रश्न 7

ऐसी तीन संख्याएँ लिखिए जिनके दशमलव प्रसार अनवसानी अनावर्ती हों।

अनवसानी (असांत) अनावर्ती प्रसार में अंक कभी समाप्त नहीं होते और कोई खंड नियमित रूप से नहीं दोहराता। ऐसी संख्याएँ अपरिमेय होती हैं। उदाहरण:

पहली=
दूसरी=
तीसरी=

हर संख्या में शून्यों की संख्या एक-एक करके बढ़ती है, इसलिए कोई खंड बार-बार नहीं दोहराता।

उत्तर: (अन्य उदाहरण भी संभव: )
प्रश्न 8

परिमेय संख्याओं और के बीच की तीन अलग-अलग अपरिमेय संख्याएँ ज्ञात कीजिए।

ज्ञात है
और
ज्ञात करना है
इनके बीच तीन अपरिमेय संख्याएँ
का दशमलव प्रसार
भाज्य÷ 7 से भागफल अंकशेषफल
505
5071
1013
3042
2026
6084
4055
5071

(हर चरण में पिछले शेषफल के आगे 0 लगाकर, अर्थात 10 से गुणा करके, फिर से भाग दिया गया है।)

==
का दशमलव प्रसार
भाज्य÷ 11 से भागफल अंकशेषफल
909
9082
2019
9082

(हर चरण में पिछले शेषफल के आगे 0 लगाकर, अर्थात 10 से गुणा करके, फिर से भाग दिया गया है।)

==

0.714285… और 0.8181… के बीच अनवसानी अनावर्ती दशमलव वाली तीन संख्याएँ:

पहली=
दूसरी=
तीसरी=
उत्तर:
प्रश्न 9

बताइए कि निम्नलिखित संख्याओं में कौन-कौन संख्याएँ परिमेय और कौन-कौन संख्याएँ अपरिमेय हैं:(i) (ii) (iii) 0.3796(iv) 7.478478…(v) 1.101001000100001…

सूत्र (पहचान):
(1)सांत या असांत आवर्ती दशमलव प्रसार → परिमेय संख्या
(2)असांत अनावर्ती दशमलव प्रसार → अपरिमेय संख्या
(3)पूर्ण वर्ग न होने वाली प्राकृत संख्या का वर्गमूल → अपरिमेय
(i)
23 के अभाज्य गुणनखंड:
2323
1
23 = 23

23 एक अभाज्य संख्या है, इसके गुणनखंड जोड़े में नहीं बँटते, अर्थात 23 पूर्ण वर्ग नहीं है।

=
उत्तर: अपरिमेय (असांत अनावर्ती)
(ii)
225 के अभाज्य गुणनखंड:
3225
375
525
55
1
225 = 3 × 3 × 5 × 5
===
उत्तर: परिमेय (225 पूर्ण वर्ग है, )
(iii) 0.3796
=
उत्तर: परिमेय (सांत दशमलव)
(iv) 7.478478…
=
उत्तर: परिमेय (असांत आवर्ती; )
(v) 1.101001000100001…
उत्तर: अपरिमेय (असांत अनावर्ती — शून्यों की संख्या बढ़ती जाती है)
उत्तर:
(i) अपरिमेय
(ii) परिमेय
(iii) परिमेय
(iv) परिमेय
(v) अपरिमेय
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यह हल MP Board (MPBSE) कक्षा 9 गणित की पाठ्यपुस्तक के अध्याय 1 ‘संख्या पद्धति’ (NCERT पाठ्यपुस्तक, पुनर्मुद्रण 2025-26) के अनुसार है।