प्रश्नावली 12.1 के हल
कक्षा 9 गणित · अध्याय 12: सांख्यिकी (आंकड़ों का आलेखीय निरूपण) · 9 प्रश्न
एक संगठन ने पूरे विश्व में 15-44 (वर्षों में) की आयु वाली महिलाओं में बीमारी और मृत्यु के कारणों का पता लगाने के लिए किए गए सर्वेक्षण से निम्नलिखित आंकड़े (% में) प्राप्त किए:
| क्र. सं. | कारण | महिला मृत्यु दर (%) |
|---|---|---|
| 1. | जनन स्वास्थ्य अवस्था | 31.8 |
| 2. | तंत्रिका मनोविकारी अवस्था | 25.4 |
| 3. | क्षति | 12.4 |
| 4. | हृदय वाहिका अवस्था | 4.3 |
| 5. | श्वसन अवस्था | 4.1 |
| 6. | अन्य कारण | 22.0 |
(i) ऊपर दी गई सूचनाओं को आलेखीय रूप में निरूपित कीजिए।(ii) कौन-सी अवस्था पूरे विश्व की महिलाओं के खराब स्वास्थ्य और मृत्यु का बड़ा कारण है?(iii) अपनी अध्यापिका की सहायता से ऐसे दो कारणों का पता लगाने का प्रयास कीजिए जिनकी ऊपर (ii) में मुख्य भूमिका रही हो।
(ii) सबसे बड़ा कारण
(iii) उस कारण के दो प्रमुख कारक
आँकड़े अलग-अलग कारणों (वर्गों) के हैं, अंतराल नहीं; इसलिए इन्हें दंड आलेख (bar graph) से दिखाएँगे — सभी छड़ें समान चौड़ाई (1 cm) की और उनके बीच समान दूरी (1 cm)।
सबसे बड़ा मान 31.8% है, इसलिए y-अक्ष पर पैमाना 1 cm = 5% लेते हैं (35% तक 7 cm)।
| छड़ | कारण | मृत्यु दर | छड़ की ऊँचाई |
|---|---|---|---|
| 1 | जनन स्वास्थ्य अवस्था | 31.8% | |
| 2 | तंत्रिका मनोविकारी अवस्था | 25.4% | |
| 3 | क्षति | 12.4% | |
| 4 | हृदय वाहिका अवस्था | 4.3% | |
| 5 | श्वसन अवस्था | 4.1% | |
| 6 | अन्य कारण | 22% |
x-अक्ष पर: हर छड़ की चौड़ाई 1 cm, दो छड़ों के बीच 1 cm
y-अक्ष पर: 1 cm = 5% (मृत्यु दर)
दंड आलेख में सबसे ऊँची छड़ (क्र. 1, ऊँचाई 6.36 cm) जनन स्वास्थ्य अवस्था की है, जिसकी मृत्यु दर 31.8% है।
- गर्भावस्था और प्रसव के समय उचित चिकित्सा देखभाल की कमी: गाँवों और गरीब क्षेत्रों में अस्पताल, प्रशिक्षित डॉक्टर/दाई, नियमित जाँच और टीकाकरण की सुविधा पर्याप्त नहीं है।
- कुपोषण और जागरूकता/शिक्षा की कमी: कम उम्र में विवाह, बार-बार गर्भधारण, खून की कमी (एनीमिया) और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी के अभाव से जनन स्वास्थ्य बिगड़ता है।
भारतीय समाज के विभिन्न क्षेत्रों में प्रति हजार लड़कों पर लड़कियों की (निकटतम दस तक की) संख्या के आंकड़े नीचे दिए गए हैं:
| क्षेत्र | प्रति हजार लड़कों पर लड़कियों की संख्या |
|---|---|
| अनुसूचित जाति | 940 |
| अनुसूचित जनजाति | 970 |
| गैर अनुसूचित जाति/जनजाति | 920 |
| पिछड़े जिले | 950 |
| गैर पिछड़े जिले | 920 |
| ग्रामीण | 930 |
| शहरी | 910 |
(i) ऊपर दी गई सूचनाओं को एक दंड आलेख द्वारा निरूपित कीजिए।(ii) कक्षा में चर्चा करके, बताइए कि आप इस आलेख से कौन-कौन से निष्कर्ष निकाल सकते हैं।
(ii) आलेख से निष्कर्ष
सबसे छोटा मान 910 और सबसे बड़ा 970 है। 0 से 900 तक का भाग खाली रहेगा, इसलिए y-अक्ष पर 0 के बाद टूटा हुआ निशान (kink) लगाकर 900 से अंक लिखते हैं।
पैमाना: y-अक्ष पर 1 cm = 10 लड़कियाँ; 900 का चिह्न मूल बिंदु O से 1 cm ऊपर है।
| छड़ | क्षेत्र | लड़कियाँ | 900 के चिह्न से ऊँचाई |
|---|---|---|---|
| 1 | अनुसूचित जाति | 940 | |
| 2 | अनुसूचित जनजाति | 970 | |
| 3 | गैर अनुसूचित जाति/जनजाति | 920 | |
| 4 | पिछड़े जिले | 950 | |
| 5 | गैर पिछड़े जिले | 920 | |
| 6 | ग्रामीण | 930 | |
| 7 | शहरी | 910 |
x-अक्ष पर: हर छड़ की चौड़ाई 0.8 cm, दो छड़ों के बीच 0.7 cm
y-अक्ष पर: 1 cm = 10 लड़कियाँ (900 से आरंभ, 0 और 900 के बीच kink)
- हर क्षेत्र में प्रति हजार लड़कों पर लड़कियाँ 1000 से कम हैं, अर्थात् समाज के सभी वर्गों में लड़कियों की संख्या लड़कों से कम है।
- सबसे ऊँची छड़ अनुसूचित जनजाति (970) की है — वहाँ लिंगानुपात सबसे अच्छा है।
- सबसे छोटी छड़ शहरी क्षेत्र (910) की है — वहाँ लिंगानुपात सबसे कम है।
- ग्रामीण क्षेत्र (930) शहरी क्षेत्र (910) से आगे है, और पिछड़े जिले (950) गैर पिछड़े जिलों (920) से आगे हैं।
- अनुसूचित जाति (940) और अनुसूचित जनजाति (970) में यह संख्या गैर अनुसूचित जाति/जनजाति (920) से अधिक है।
- अतः लड़कियों के प्रति भेदभाव (जैसे भ्रूण-लिंग जाँच) रोकने और जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता है, विशेषकर शहरी और विकसित क्षेत्रों में।
एक राज्य के विधान सभा के चुनाव में विभिन्न राजनैतिक पार्टियों द्वारा जीती गई सीटों के परिणाम नीचे दिए गए हैं:
| राजनैतिक पार्टी | A | B | C | D | E | F |
|---|---|---|---|---|---|---|
| जीती गई सीटें | 75 | 55 | 37 | 29 | 10 | 37 |
(i) मतदान के परिणामों को निरूपित करने वाला एक दंड आलेख खींचिए।(ii) किस राजनैतिक पार्टी ने अधिकतम सीटें जीती हैं?
(ii) अधिकतम सीटें जीतने वाली पार्टी
सबसे बड़ा मान 75 सीटें है, इसलिए y-अक्ष पर पैमाना 1 cm = 10 सीटें लेते हैं (80 सीटों तक 8 cm)।
| पार्टी | जीती गई सीटें | छड़ की ऊँचाई |
|---|---|---|
| A | 75 | |
| B | 55 | |
| C | 37 | |
| D | 29 | |
| E | 10 | |
| F | 37 |
x-अक्ष पर: हर छड़ की चौड़ाई 1 cm, दो छड़ों के बीच 1 cm
y-अक्ष पर: 1 cm = 10 सीटें
सबसे ऊँची छड़ (7.5 cm) पार्टी A की है, जिसने 75 सीटें जीतीं।
एक पौधे की 40 पत्तियों की लंबाइयाँ एक मिलीमीटर तक शुद्ध मापी गई हैं और प्राप्त आंकड़ों को निम्नलिखित सारणी में निरूपित किया गया है:
| लंबाई (मिलीमीटर में) | पत्तियों की संख्या |
|---|---|
| 118 - 126 | 3 |
| 127 - 135 | 5 |
| 136 - 144 | 9 |
| 145 - 153 | 12 |
| 154 - 162 | 5 |
| 163 - 171 | 4 |
| 172 - 180 | 2 |
(i) दिए हुए आंकड़ों को निरूपित करने वाला एक आयतचित्र खींचिए।(ii) क्या इन्हीं आंकड़ों को निरूपित करने वाला कोई अन्य उपयुक्त आलेख है?(iii) क्या यह सही निष्कर्ष है कि 153 मिलीमीटर लम्बाई वाली पत्तियों की संख्या सबसे अधिक है? क्यों?
(ii) अन्य उपयुक्त आलेख
(iii) क्या 153 mm लंबी पत्तियाँ सबसे अधिक हैं?
दिए गए वर्ग संतत नहीं हैं: एक वर्ग की उच्च सीमा और अगले वर्ग की निम्न सीमा के बीच अंतर है। आयतचित्र/बहुभुज के लिए पहले वर्गों को संतत बनाते हैं।
हर वर्ग की निम्न सीमा में से समायोजन घटाएँ और उच्च सीमा में समायोजन जोड़ें।
| दिया वर्ग | नई निम्न सीमा | नई उच्च सीमा | पत्तियों की संख्या |
|---|---|---|---|
| 118 − 126 | 3 | ||
| 127 − 135 | 5 | ||
| 136 − 144 | 9 | ||
| 145 − 153 | 12 | ||
| 154 − 162 | 5 | ||
| 163 − 171 | 4 | ||
| 172 − 180 | 2 |
अब हर वर्ग-माप = 126.5 − 117.5 = 9 mm (सभी वर्ग समान)। इसलिए आयतों की ऊँचाई सीधे बारंबारता के अनुपात में होगी।
x-अक्ष पर 117.5 से आरंभ है (0 से नहीं), इसलिए x-अक्ष पर O के पास kink लगाते हैं। सबसे बड़ी बारंबारता 12 है, इसलिए y-अक्ष पर 1 cm = 2 पत्तियाँ।
| संतत वर्ग (mm) | पत्तियाँ | आयत की ऊँचाई |
|---|---|---|
| 117.5 − 126.5 | 3 | |
| 126.5 − 135.5 | 5 | |
| 135.5 − 144.5 | 9 | |
| 144.5 − 153.5 | 12 | |
| 153.5 − 162.5 | 5 | |
| 162.5 − 171.5 | 4 | |
| 171.5 − 180.5 | 2 |
x-अक्ष पर: 1 cm = 9 mm (एक वर्ग-माप), 117.5 से आरंभ (kink)
y-अक्ष पर: 1 cm = 2 पत्तियाँ
हाँ। इन्हीं आँकड़ों को बारंबारता बहुभुज (frequency polygon) से भी दिखाया जा सकता है। आयतचित्र के आयतों की ऊपरी भुजाओं के मध्य-बिंदु (वर्ग-चिह्न) मिलाने से यह बनता है।
| वर्ग (mm) | वर्ग-चिह्न (mm) | बारंबारता | बिंदु |
|---|---|---|---|
| 108.5 − 117.5* | 0 | A(113, 0) | |
| 117.5 − 126.5 | 3 | B(122, 3) | |
| 126.5 − 135.5 | 5 | C(131, 5) | |
| 135.5 − 144.5 | 9 | D(140, 9) | |
| 144.5 − 153.5 | 12 | E(149, 12) | |
| 153.5 − 162.5 | 5 | F(158, 5) | |
| 162.5 − 171.5 | 4 | G(167, 4) | |
| 171.5 − 180.5 | 2 | H(176, 2) | |
| 180.5 − 189.5* | 0 | I(185, 0) |
x-अक्ष पर: 1 cm = 9 mm, 108.5 से आरंभ (kink)
y-अक्ष पर: 1 cm = 2 पत्तियाँ
A(113, 0) और I(185, 0) काल्पनिक वर्गों 108.5 − 117.5 और 180.5 − 189.5 (बारंबारता 0) के वर्ग-चिह्न हैं।
नहीं, यह निष्कर्ष सही नहीं है।
सबसे अधिक पत्तियाँ (12) वर्ग 145 − 153 में हैं, जिसका संतत रूप 144.5 mm − 153.5 mm है। इसका अर्थ है कि इन 12 पत्तियों की लंबाई 144.5 mm और 153.5 mm के बीच कुछ भी हो सकती है; 153 तो केवल इस वर्ग की उच्च सीमा है। सारणी से यह पता नहीं चलता कि कितनी पत्तियाँ ठीक 153 mm लंबी हैं।
नीचे की सारणी में 400 नियॉन लैम्पों के जीवन काल दिए गए हैं:
| जीवन काल (घंटों में) | लैम्पों की संख्या |
|---|---|
| 300 - 400 | 14 |
| 400 - 500 | 56 |
| 500 - 600 | 60 |
| 600 - 700 | 86 |
| 700 - 800 | 74 |
| 800 - 900 | 62 |
| 900 - 1000 | 48 |
(i) एक आयतचित्र की सहायता से दी हुई सूचनाओं को निरूपित कीजिए।(ii) कितने लैम्पों के जीवन काल 700 घंटों से अधिक हैं?
(ii) 700 घंटे से अधिक जीवन काल वाले लैम्प
वर्ग पहले से संतत हैं और सबकी माप समान है:
x-अक्ष 300 से आरंभ है, इसलिए O के पास kink लगाते हैं; पैमाना 1 cm = 100 घंटे। सबसे बड़ी बारंबारता 86 है, इसलिए y-अक्ष पर 1 cm = 10 लैम्प।
| जीवन काल (घंटे) | लैम्प | आयत की ऊँचाई |
|---|---|---|
| 300 − 400 | 14 | |
| 400 − 500 | 56 | |
| 500 − 600 | 60 | |
| 600 − 700 | 86 | |
| 700 − 800 | 74 | |
| 800 − 900 | 62 | |
| 900 − 1000 | 48 |
x-अक्ष पर: 1 cm = 100 घंटे, 300 से आरंभ (kink)
y-अक्ष पर: 1 cm = 10 लैम्प
700 घंटे से अधिक जीवन काल वाले वर्ग: 700 − 800, 800 − 900 और 900 − 1000 (आलेख में गहरे हरे आयत)।
नीचे की दो सारणियों में प्राप्त किए गए अंकों के अनुसार दो सेक्शनों के विद्यार्थियों का बंटन दिया गया है:
| सेक्शन A | सेक्शन B | ||
|---|---|---|---|
| अंक | बारंबारता | अंक | बारंबारता |
| 0 - 10 | 3 | 0 - 10 | 5 |
| 10 - 20 | 9 | 10 - 20 | 19 |
| 20 - 30 | 17 | 20 - 30 | 15 |
| 30 - 40 | 12 | 30 - 40 | 10 |
| 40 - 50 | 9 | 40 - 50 | 1 |
दो बारंबारता बहुभुजों की सहायता से एक ही आलेख पर दोनों सेक्शनों के विद्यार्थियों के प्राप्तांक निरूपित कीजिए। दोनों बहुभुजों का अध्ययन करके दोनों सेक्शनों के निष्पादनों की तुलना कीजिए।
पहला वर्ग 0 − 10 है, इसलिए उससे पहले का काल्पनिक वर्ग (−10) − 0 है, जिसका वर्ग-चिह्न −5 है। पाठ्यपुस्तक (उदाहरण 4) की तरह x-अक्ष को ऋणात्मक दिशा में बढ़ाकर पहले बिंदु को (−5, 0) से मिलाते हैं; यह रेखाखंड y-अक्ष को जिस बिंदु पर काटता है, बहुभुज वहीं से आरंभ होता है (अंक ऋणात्मक नहीं हो सकते)। अंतिम वर्ग के बाद काल्पनिक वर्ग 50 − 60 का वर्ग-चिह्न 55 है।
| वर्ग (अंक) | वर्ग-चिह्न | सेक्शन A | सेक्शन B |
|---|---|---|---|
| −10 − 0* | 0 | 0 | |
| 0 − 10 | 3 | 5 | |
| 10 − 20 | 9 | 19 | |
| 20 − 30 | 17 | 15 | |
| 30 − 40 | 12 | 10 | |
| 40 − 50 | 9 | 1 | |
| 50 − 60* | 0 | 0 |
x-अक्ष पर: 1 cm = 10 अंक (वर्ग-चिह्न −5, 5, 15, …, 55)
y-अक्ष पर: 1 cm = 2 विद्यार्थी
दोनों सेक्शनों में 50-50 विद्यार्थी हैं, इसलिए सीधे तुलना कर सकते हैं।
- सेक्शन A का बहुभुज अपने शिखर पर वर्ग-चिह्न 25 (वर्ग 20 − 30, 17 विद्यार्थी) पर है, जबकि सेक्शन B का शिखर वर्ग-चिह्न 15 (वर्ग 10 − 20, 19 विद्यार्थी) पर है।
- ऊँचे अंकों (30 − 50) वाले भाग में A का बहुभुज B से ऊपर है और कम अंकों (0 − 20) वाले भाग में B का बहुभुज A से ऊपर है।
एक क्रिकेट मैच में दो टीमों A और B द्वारा प्रथम 60 गेंदों मे बनाए गए रन नीचे दिए गए हैं:
| गेदों की संख्या | टीम A | टीम B |
|---|---|---|
| 1 - 6 | 2 | 5 |
| 7 - 12 | 1 | 6 |
| 13 - 18 | 8 | 2 |
| 19 - 24 | 9 | 10 |
| 25 - 30 | 4 | 5 |
| 31 - 36 | 5 | 6 |
| 37 - 42 | 6 | 3 |
| 43 - 48 | 10 | 4 |
| 49 - 54 | 6 | 8 |
| 55 - 60 | 2 | 10 |
बारंबारता बहुभुजों की सहायता से एक ही आलेख पर दोनों टीमों के आंकड़े निरूपित कीजिए। (संकेत : पहले वर्ग अंतरालों को संतत बनाइए)
दिए गए वर्ग संतत नहीं हैं: एक वर्ग की उच्च सीमा और अगले वर्ग की निम्न सीमा के बीच अंतर है। आयतचित्र/बहुभुज के लिए पहले वर्गों को संतत बनाते हैं।
हर वर्ग की निम्न सीमा में से समायोजन घटाएँ और उच्च सीमा में समायोजन जोड़ें।
| दिया वर्ग | नई निम्न सीमा | नई उच्च सीमा |
|---|---|---|
| 1 − 6 | ||
| 7 − 12 | ||
| 13 − 18 | ||
| 19 − 24 | ||
| 25 − 30 | ||
| 31 − 36 | ||
| 37 − 42 | ||
| 43 − 48 | ||
| 49 − 54 | ||
| 55 − 60 |
पहले वर्ग 0.5 − 6.5 से पहले का काल्पनिक वर्ग (−5.5) − 0.5 है, जिसका वर्ग-चिह्न −2.5 है। पाठ्यपुस्तक (उदाहरण 4) की तरह पहले बिंदु को (−2.5, 0) से मिलाते हैं और बहुभुज वहाँ से आरंभ करते हैं जहाँ यह रेखाखंड y-अक्ष को काटता है (गेंदों की संख्या ऋणात्मक नहीं हो सकती)। अंतिम वर्ग के बाद काल्पनिक वर्ग 60.5 − 66.5 का वर्ग-चिह्न 63.5 है।
| संतत वर्ग (गेंदें) | वर्ग-चिह्न | टीम A के रन | टीम B के रन |
|---|---|---|---|
| −5.5 − 0.5* | 0 | 0 | |
| 0.5 − 6.5 | 2 | 5 | |
| 6.5 − 12.5 | 1 | 6 | |
| 12.5 − 18.5 | 8 | 2 | |
| 18.5 − 24.5 | 9 | 10 | |
| 24.5 − 30.5 | 4 | 5 | |
| 30.5 − 36.5 | 5 | 6 | |
| 36.5 − 42.5 | 6 | 3 | |
| 42.5 − 48.5 | 10 | 4 | |
| 48.5 − 54.5 | 6 | 8 | |
| 54.5 − 60.5 | 2 | 10 | |
| 60.5 − 66.5* | 0 | 0 |
x-अक्ष पर: 1 cm = 6 गेंदें (अंकित मान वर्ग-चिह्न हैं)
y-अक्ष पर: 1 cm = 1 रन
एक पार्क में खेल रहे विभिन्न आयु वर्गों के बच्चों की संख्या का एक यादृच्छिक सर्वेक्षण (random survey) करने पर निम्नलिखित आंकड़े प्राप्त हुए :
| आयु (वर्षों में) | बच्चों की संख्या |
|---|---|
| 1 - 2 | 5 |
| 2 - 3 | 3 |
| 3 - 5 | 6 |
| 5 - 7 | 12 |
| 7 - 10 | 9 |
| 10 - 15 | 10 |
| 15 - 17 | 4 |
ऊपर दिए आंकड़ों को निरूपित करने वाला एक आयतचित्र खींचिए।
वर्गों की माप (चौड़ाई) समान नहीं है। आयतचित्र में आयत का क्षेत्रफल बारंबारता के अनुपात में होना चाहिए, इसलिए आयतों की लंबाई (ऊँचाई) न्यूनतम वर्ग-माप के अनुसार समायोजित करते हैं।
| वर्ग (वर्ष) | वर्ग-माप (वर्ष) |
|---|---|
| 1 − 2 | |
| 2 − 3 | |
| 3 − 5 | |
| 5 − 7 | |
| 7 − 10 | |
| 10 − 15 | |
| 15 − 17 |
न्यूनतम वर्ग-माप = 1 वर्ष
अर्थात् समायोजित बारंबारता = (न्यूनतम वर्ग-माप ÷ उस वर्ग की माप) × बारंबारता
| वर्ग (वर्ष) | बारंबारता | वर्ग-माप | समायोजित बारंबारता |
|---|---|---|---|
| 1 − 2 | 5 | 1 | |
| 2 − 3 | 3 | 1 | |
| 3 − 5 | 6 | 2 | |
| 5 − 7 | 12 | 2 | |
| 7 − 10 | 9 | 3 | |
| 10 − 15 | 10 | 5 | |
| 15 − 17 | 4 | 2 |
अब x-अक्ष पर आयु (1 cm = 1 वर्ष) और y-अक्ष पर समायोजित बारंबारता, अर्थात् प्रति 1 वर्ष के अंतराल पर बच्चों की संख्या (1 cm = 1 बच्चा) लेते हैं। हर आयत की चौड़ाई = उसकी वर्ग-माप और ऊँचाई = समायोजित बारंबारता।
| वर्ग (वर्ष) | आयत की चौड़ाई | आयत की ऊँचाई |
|---|---|---|
| 1 − 2 | ||
| 2 − 3 | ||
| 3 − 5 | ||
| 5 − 7 | ||
| 7 − 10 | ||
| 10 − 15 | ||
| 15 − 17 |
x-अक्ष पर: 1 cm = 1 वर्ष
y-अक्ष पर: 1 cm = 1 बच्चा (प्रति 1 वर्ष के अंतराल पर)
एक स्थानीय टेलीफोन निर्देशिका से 100 कुलनाम (surname) यदृच्छया लिए गए और उनसें अंग्रेजी वर्णमाला के अक्षरों की संख्या का निम्न बारंबारता बंटन प्राप्त किया गया :
| वर्णमाला के अक्षरों की संख्या | कुलनामों की संख्या |
|---|---|
| 1 - 4 | 6 |
| 4 - 6 | 30 |
| 6 - 8 | 44 |
| 8 - 12 | 16 |
| 12 - 20 | 4 |
(i) दी हुई सूचनाओं को निरूपित करने वाला एक आयतचित्र खींचिए।(ii) वह वर्ग अंतराल बताइए जिसमें अधिकतम संख्या में कुलनाम हैं।
(ii) अधिकतम कुलनाम वाला वर्ग अंतराल
वर्गों की माप (चौड़ाई) समान नहीं है। आयतचित्र में आयत का क्षेत्रफल बारंबारता के अनुपात में होना चाहिए, इसलिए आयतों की लंबाई (ऊँचाई) न्यूनतम वर्ग-माप के अनुसार समायोजित करते हैं।
| वर्ग (अक्षर) | वर्ग-माप (अक्षर) |
|---|---|
| 1 − 4 | |
| 4 − 6 | |
| 6 − 8 | |
| 8 − 12 | |
| 12 − 20 |
न्यूनतम वर्ग-माप = 2 अक्षर
अर्थात् समायोजित बारंबारता = (न्यूनतम वर्ग-माप ÷ उस वर्ग की माप) × बारंबारता
| वर्ग (अक्षर) | बारंबारता | वर्ग-माप | समायोजित बारंबारता |
|---|---|---|---|
| 1 − 4 | 6 | 3 | |
| 4 − 6 | 30 | 2 | |
| 6 − 8 | 44 | 2 | |
| 8 − 12 | 16 | 4 | |
| 12 − 20 | 4 | 8 |
x-अक्ष पर अक्षरों की संख्या (1 cm = 2 अक्षर) और y-अक्ष पर समायोजित बारंबारता, अर्थात् प्रति 2 अक्षरों के अंतराल पर कुलनामों की संख्या (1 cm = 5 कुलनाम) लेते हैं।
| वर्ग (अक्षर) | आयत की चौड़ाई | आयत की ऊँचाई |
|---|---|---|
| 1 − 4 | ||
| 4 − 6 | ||
| 6 − 8 | ||
| 8 − 12 | ||
| 12 − 20 |
x-अक्ष पर: 1 cm = 2 अक्षर
y-अक्ष पर: 1 cm = 5 कुलनाम (प्रति 2 अक्षरों के अंतराल पर)
सबसे अधिक बारंबारता 44 है (आलेख में सबसे ऊँचा, गहरा नारंगी आयत), जो वर्ग 6 − 8 की है।
यह हल MP Board (MPBSE) कक्षा 9 गणित की पाठ्यपुस्तक के अध्याय 12 ‘सांख्यिकी’ के अनुसार है।