निदानात्मक कार्यपुस्तिका अध्याय 1 के हल
कक्षा 9 गणित · निदानात्मक कक्षाओं हेतु मॉड्यूल (विद्यार्थी अभ्यास पुस्तिका) 2026-27 · अध्याय 1: संख्या पद्धति · 25 प्रश्न
सही विकल्प चुनिए।
विकल्प: (अ) परिमेय (ब) अपरिमेय (स) शून्य (द) इनमें से कोई नहीं
उत्तर: (ब) अपरिमेय संख्या
उदाहरण: परिमेय नहीं है। यदि यह परिमेय होता, तो भी परिमेय हो जाता, जो असत्य है।
विकल्प: (अ) परिमेय (ब) अपरिमेय (स) शून्य (द) वास्तविक
उत्तर: (द) वास्तविक
परिमेय और अपरिमेय संख्याएँ मिलकर वास्तविक संख्याओं का संग्रह बनाती हैं।
विकल्प: (अ) शून्य (ब) अनंत (स) केवल एक (द) केवल दो
उत्तर: (ब) अनंत
किन्हीं दो परिमेय संख्याओं का औसत सदा उनके बीच एक नई परिमेय संख्या देता है; यह क्रिया बार-बार की जा सकती है।
विकल्प: (अ) 1 (ब) 10 (स) 0 (द) 100
उत्तर: (स) 0
पूर्ण संख्याएँ 0, 1, 2, 3, ... हैं, अतः सबसे छोटी पूर्ण संख्या 0 है।
नोट: पुस्तिका में प्रश्न 1.1 का चौथा विकल्प भूल से (अ) छपा है; यहाँ उसे (द) लिखा गया है।
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए।
उत्तर: अद्वितीय (एक और केवल एक)
उत्तर: परिमेय
उत्तर: अनवसानी अनावर्ती
उत्तर: 100
उत्तर: अपरिमेय
का दशमलव प्रसार अनवसानी अनावर्ती है। केवल उसका निकटतम मान है।
सत्य/असत्य लिखिए।
उत्तर: असत्य
जो संख्या के रूप में लिखी जा सके, वह परिमेय होती है; अपरिमेय संख्या इस रूप में नहीं लिखी जा सकती।
उत्तर: सत्य
कोई भी पूर्णांक लिखा जा सकता है, जैसे ।
उत्तर: सत्य
वास्तविक संख्याओं में परिमेय और अपरिमेय दोनों आती हैं।
उत्तर: असत्य
परिमेय है, पर पूर्णांक नहीं है।
उत्तर: सत्य
प्राकृत संख्याएँ 1, 2, 3, ... सभी पूर्ण संख्याओं 0, 1, 2, 3, ... में शामिल हैं।
उत्तर: सत्य
में घातांक (कोटि) और करणीगत संख्या है।
एक शब्द/वाक्य में उत्तर दीजिए।
उत्तर: सांत या अनवसानी आवर्ती
जैसे (सांत), (अनवसानी आवर्ती)।
उत्तर: अपरिमेय संख्या
उत्तर: अनवसानी आवर्ती (अंक 142857 बार-बार आते हैं)
इनके बीच ऐसी संख्या लें जिसका दशमलव प्रसार न रुके और न दोहराए, जैसे:
यहाँ 15 के बाद 0 की संख्या हर बार एक बढ़ती है, इसलिए कोई खंड दोहराया नहीं जाता: यह अनवसानी अनावर्ती, अर्थात अपरिमेय है, और 0.142857... तथा 0.285714... के बीच है।
उत्तर: (ऐसी अनेक संख्याएँ हो सकती हैं)
उत्तर: 1
उत्तर: अपरिमेय संख्या
जैसे ।
सही जोड़ी बनाइए।
कॉलम B: (अ) (ब) (स) (द) (इ) 2
| 5 | 125 |
| 5 | 25 |
| 5 | 5 |
| 1 |
उत्तर: (ब)
उत्तर: (द)
उत्तर: (इ) 2
उत्तर: (स)
उत्तर: (अ)
| कॉलम A | कॉलम B |
|---|---|
| 1. | (ब) |
| 2. | (द) |
| 3. | (इ) 2 |
| 4. | (स) |
| 5. | (अ) |
सरल कीजिए:
यहाँ और ।
सरल कीजिए:
पहले कोष्ठक के प्रत्येक पद से दूसरे कोष्ठक के प्रत्येक पद को गुणा करते हैं:
सरल कीजिए:
यहाँ और ।
सरल कीजिए:
यहाँ और ।
सरल कीजिए:
बताइए कि संख्या परिमेय या अपरिमेय है।
दोनों पदों में उभयनिष्ठ है:
2 परिमेय है और अपरिमेय है। शून्येतर परिमेय संख्या और अपरिमेय संख्या का गुणनफल अपरिमेय होता है।
सरल कीजिए:
7 को लिखकर अंश और हर में से काटते हैं:
स्वयं सरलतम रूप है (हर परिमेय है)। इसका मान है और यह अपरिमेय है।
यदि प्रश्न है (NCERT प्रश्नावली 1.4), तो , जो परिमेय है।
सरल कीजिए:
56 के गुणनखंड:
| 2 | 56 |
| 2 | 28 |
| 2 | 14 |
| 7 | 7 |
| 1 |
के हर का परिमेयकरण कीजिए।
सरल कीजिए:
| 5 | 125 |
| 5 | 25 |
| 5 | 5 |
| 1 |
सरल कीजिए:
के हर का परिमेयकरण कीजिए।
हर का संयुग्मी है।
परिमेय संख्याओं और के बीच तीन अलग-अलग परिमेय संख्याएँ ज्ञात कीजिए।
दोनों भिन्नों के हर समान करने के लिए 7 और 11 का LCM लेते हैं:
| 7 | 77 |
| 11 | 11 |
| 1 |
अब और के बीच हैं। इनमें से कोई तीन लें:
के हर का परिमेयकरण कीजिए।
हर का संयुग्मी है।
के हर का परिमेयकरण कीजिए।
हर का संयुग्मी लेते हैं (ताकि हर धनात्मक आए)।
दिखाइए कि को के रूप में व्यक्त कर सकते हैं।
माना
आवर्ती खंड ‘27’ में 2 अंक हैं, इसलिए दोनों पक्षों को 100 से गुणा करते हैं:
अब (2) में से (1) घटाने पर दशमलव के बाद के आवर्ती अंक कट जाते हैं:
1 और 2 के बीच पाँच परिमेय संख्याएँ ज्ञात कीजिए।
1 और 2 के बीच 5 संख्याएँ चाहिए।
1 और 2 को हर 10 वाली भिन्नों के रूप में लिखते हैं:
इनके बीच आती हैं।
इनमें से पाँच लेकर सरल रूप में:
और के बीच छः परिमेय संख्याएँ ज्ञात कीजिए।
6 संख्याएँ चाहिए, इसलिए अंश और हर को 6 + 1 = 7 से गुणा करते हैं:
अब और के बीच की छः परिमेय संख्याएँ:
सरल रूप में: , ।
को के रूप में व्यक्त कीजिए, जहाँ p और q पूर्णांक हैं तथा ।
यहाँ केवल ‘35’ आवर्ती है, ‘2’ नहीं। माना
पहले अनावर्ती अंक 2 को दशमलव से पहले लाने के लिए 10 से गुणा करते हैं:
आवर्ती खंड ‘35’ में 2 अंक हैं, इसलिए (2) को 100 से गुणा करते हैं:
(3) में से (2) घटाने पर:
233 एक अभाज्य संख्या है और 990 का गुणनखंड नहीं है, अतः भिन्न सरलतम रूप में है।
के दशमलव प्रसार में अंकों के पुनरावृत्ति खण्ड में अंकों की अधिकतम संख्या क्या हो सकती है? अपने उत्तर की जाँच करने के लिए विभाजन क्रिया कीजिए।
1 को 17 से भाग देने पर हर चरण का शेषफल 1 से 16 के बीच ही हो सकता है (0 नहीं, क्योंकि 17 के अभाज्य गुणनखंड में केवल 17 है)। इसलिए अधिक से अधिक 16 चरणों के बाद कोई शेषफल दोहराएगा, अर्थात आवर्ती खंड में अधिकतम 16 अंक हो सकते हैं।
विभाजन क्रिया से जाँच (हर चरण में शेषफल × 10 को 17 से भाग):
| चरण | भाज्य | भागफल अंक | शेषफल |
|---|---|---|---|
| 1 | 1 × 10 = 10 | 0 | 10 |
| 2 | 10 × 10 = 100 | 5 | 15 |
| 3 | 15 × 10 = 150 | 8 | 14 |
| 4 | 14 × 10 = 140 | 8 | 4 |
| 5 | 4 × 10 = 40 | 2 | 6 |
| 6 | 6 × 10 = 60 | 3 | 9 |
| 7 | 9 × 10 = 90 | 5 | 5 |
| 8 | 5 × 10 = 50 | 2 | 16 |
| 9 | 16 × 10 = 160 | 9 | 7 |
| 10 | 7 × 10 = 70 | 4 | 2 |
| 11 | 2 × 10 = 20 | 1 | 3 |
| 12 | 3 × 10 = 30 | 1 | 13 |
| 13 | 13 × 10 = 130 | 7 | 11 |
| 14 | 11 × 10 = 110 | 6 | 8 |
| 15 | 8 × 10 = 80 | 4 | 12 |
| 16 | 12 × 10 = 120 | 7 | 1 |
| 17 | 1 × 10 = 10 | 0 | 10 |
17वें चरण में शेषफल फिर 1 हो जाता है, इसलिए अंक यहीं से दोहराने लगते हैं।
ये हल निदानात्मक कक्षाओं हेतु मॉड्यूल (विद्यार्थी अभ्यास पुस्तिका), सत्र 2026-27, कक्षा 9 गणित, अध्याय 1 ‘संख्या पद्धति’ (पृष्ठ 1-6) के प्रश्नों के हैं। मॉड्यूल: स्टेट असेसमेंट सेल, लोक शिक्षण संचालनालय, मध्यप्रदेश (समग्र शिक्षा)। यह पेज केवल अभ्यास हेतु चरणबद्ध हल देता है; मूल पुस्तिका विभाग की है।