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निदानात्मक कार्यपुस्तिका अध्याय 1 के हल

कक्षा 9 गणित · निदानात्मक कक्षाओं हेतु मॉड्यूल (विद्यार्थी अभ्यास पुस्तिका) 2026-27 · अध्याय 1: संख्या पद्धति · 25 प्रश्न

प्र. 1प्र. 2प्र. 3प्र. 4प्र. 5प्र. 6प्र. 7प्र. 8प्र. 9प्र. 10प्र. 11प्र. 12प्र. 13प्र. 14प्र. 15प्र. 16प्र. 17प्र. 18प्र. 19प्र. 20प्र. 21प्र. 22प्र. 23प्र. 24प्र. 25
प्रश्न 1

सही विकल्प चुनिए।

1. एक परिमेय संख्या तथा अपरिमेय संख्या का योग अथवा अंतर एक ____ संख्या होगी।

विकल्प: (अ) परिमेय (ब) अपरिमेय (स) शून्य (द) इनमें से कोई नहीं

उत्तर: (ब) अपरिमेय संख्या

उदाहरण: परिमेय नहीं है। यदि यह परिमेय होता, तो भी परिमेय हो जाता, जो असत्य है।

2. सभी परिमेय तथा अपरिमेय संख्याओं को एक साथ लेने पर प्राप्त संख्याओं का संग्रह होता है।

विकल्प: (अ) परिमेय (ब) अपरिमेय (स) शून्य (द) वास्तविक

उत्तर: (द) वास्तविक

परिमेय और अपरिमेय संख्याएँ मिलकर वास्तविक संख्याओं का संग्रह बनाती हैं।

3. दो परिमेय संख्याओं के बीच कितनी परिमेय संख्याएँ होती हैं?

विकल्प: (अ) शून्य (ब) अनंत (स) केवल एक (द) केवल दो

उत्तर: (ब) अनंत

किन्हीं दो परिमेय संख्याओं का औसत सदा उनके बीच एक नई परिमेय संख्या देता है; यह क्रिया बार-बार की जा सकती है।

4. सबसे छोटी पूर्ण संख्या कौन सी है?

विकल्प: (अ) 1 (ब) 10 (स) 0 (द) 100

उत्तर: (स) 0

पूर्ण संख्याएँ 0, 1, 2, 3, ... हैं, अतः सबसे छोटी पूर्ण संख्या 0 है।

नोट: पुस्तिका में प्रश्न 1.1 का चौथा विकल्प भूल से (अ) छपा है; यहाँ उसे (द) लिखा गया है।

उत्तर: 1. (ब) 2. (द) 3. (ब) 4. (स)
प्रश्न 2

रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए।

1. प्रत्येक वास्तविक संख्या के संगत संख्या रेखा पर एक ____ बिंदु होता है।

उत्तर: अद्वितीय (एक और केवल एक)

2. एक ____ संख्या का दशमलव प्रसार सांत या अनवसानी आवर्ती होता है।

उत्तर: परिमेय

3. एक अपरिमेय संख्या का दशमलव प्रसार ____ होता है।

उत्तर: अनवसानी अनावर्ती

4. का मान ____ है।
सूत्र (घातांक नियम):
===

उत्तर: 100

5. एक ____ संख्या है।

उत्तर: अपरिमेय

का दशमलव प्रसार अनवसानी अनावर्ती है। केवल उसका निकटतम मान है।

उत्तर: 1. अद्वितीय 2. परिमेय 3. अनवसानी अनावर्ती 4. 100 5. अपरिमेय
प्रश्न 3

सत्य/असत्य लिखिए।

1. संख्या S को अपरिमेय संख्या कहा जाता है यदि इसे के रूप में लिखा जा सकता है, जहाँ p और q पूर्णांक हैं तथा ।

उत्तर: असत्य

जो संख्या के रूप में लिखी जा सके, वह परिमेय होती है; अपरिमेय संख्या इस रूप में नहीं लिखी जा सकती।

2. प्रत्येक पूर्णांक एक परिमेय संख्या होती है।

उत्तर: सत्य

कोई भी पूर्णांक लिखा जा सकता है, जैसे ।

3. प्रत्येक अपरिमेय संख्या एक वास्तविक संख्या होती है।

उत्तर: सत्य

वास्तविक संख्याओं में परिमेय और अपरिमेय दोनों आती हैं।

4. प्रत्येक परिमेय संख्या एक पूर्णांक होती है।

उत्तर: असत्य

परिमेय है, पर पूर्णांक नहीं है।

5. प्राकृत संख्या एक पूर्ण संख्या होती है।

उत्तर: सत्य

प्राकृत संख्याएँ 1, 2, 3, ... सभी पूर्ण संख्याओं 0, 1, 2, 3, ... में शामिल हैं।

6. में प्रयुक्त प्रतीक ‘’ को करणी चिह्न कहा जाता है।

उत्तर: सत्य

में घातांक (कोटि) और करणीगत संख्या है।

उत्तर: 1. असत्य 2. सत्य 3. सत्य 4. असत्य 5. सत्य 6. सत्य
प्रश्न 4

एक शब्द/वाक्य में उत्तर दीजिए।

1. एक परिमेय संख्या का दशमलव प्रसार किस प्रकार का होता है?

उत्तर: सांत या अनवसानी आवर्ती

जैसे (सांत), (अनवसानी आवर्ती)।

2. ऐसी संख्या जिसे के रूप में व्यक्त नहीं किया जा सकता हो, जहाँ p और q पूर्णांक हैं तथा , को क्या कहते हैं?

उत्तर: अपरिमेय संख्या

3. का दशमलव प्रसार किस प्रकार का है?
==

उत्तर: अनवसानी आवर्ती (अंक 142857 बार-बार आते हैं)

4. और के बीच की एक अपरिमेय संख्या लिखिए।
==
==

इनके बीच ऐसी संख्या लें जिसका दशमलव प्रसार न रुके और न दोहराए, जैसे:

=

यहाँ 15 के बाद 0 की संख्या हर बार एक बढ़ती है, इसलिए कोई खंड दोहराया नहीं जाता: यह अनवसानी अनावर्ती, अर्थात अपरिमेय है, और 0.142857... तथा 0.285714... के बीच है।

उत्तर: (ऐसी अनेक संख्याएँ हो सकती हैं)

5. का मान होता है?
सूत्र (घातांक नियम): (जहाँ )

उत्तर: 1

6. वह संख्या जिसका दशमलव प्रसार अनवसानी अनावर्ती होता है, क्या कहलाती है?

उत्तर: अपरिमेय संख्या

जैसे ।

उत्तर: 1. सांत या अनवसानी आवर्ती 2. अपरिमेय संख्या 3. अनवसानी आवर्ती 4. 5. 1 6. अपरिमेय संख्या
प्रश्न 5

सही जोड़ी बनाइए।

कॉलम B: (अ) (ब) (स) (द) (इ) 2

1.
125 के अभाज्य गुणनखंड:
5125
525
55
1
125 = 5 × 5 × 5
==
सूत्र (घातांक नियम): ,
====

उत्तर: (ब)

2.
सूत्र (सर्वसमिका):
==

उत्तर: (द)

3.
सूत्र (करणी नियम):
===

उत्तर: (इ) 2

4.
सूत्र (घातांक नियम):

उत्तर: (स)

5.
सूत्र (घातांक नियम):
==

उत्तर: (अ)

कॉलम Aकॉलम B
1. (ब)
2. (द)
3. (इ) 2
4. (स)
5. (अ)
उत्तर: 1 → (ब), 2 → (द), 3 → (इ), 4 → (स), 5 → (अ)
प्रश्न 6

सरल कीजिए:

सूत्र (सर्वसमिका):

यहाँ और ।

===
उत्तर: 6
प्रश्न 7

सरल कीजिए:

पहले कोष्ठक के प्रत्येक पद से दूसरे कोष्ठक के प्रत्येक पद को गुणा करते हैं:

===
सूत्र (करणी नियम): , इसलिए
उत्तर:
प्रश्न 8

सरल कीजिए:

सूत्र (सर्वसमिका):

यहाँ और ।

====
उत्तर:
प्रश्न 9

सरल कीजिए:

सूत्र (सर्वसमिका):

यहाँ और ।

===
उत्तर: 4
प्रश्न 10

सरल कीजिए:

सूत्र (घातांक नियम): ,
====
उत्तर: अर्थात
प्रश्न 11

बताइए कि संख्या परिमेय या अपरिमेय है।

दोनों पदों में उभयनिष्ठ है:

==

2 परिमेय है और अपरिमेय है। शून्येतर परिमेय संख्या और अपरिमेय संख्या का गुणनफल अपरिमेय होता है।

उत्तर: , जो एक अपरिमेय संख्या है।
प्रश्न 12

सरल कीजिए:

7 को लिखकर अंश और हर में से काटते हैं:

==

स्वयं सरलतम रूप है (हर परिमेय है)। इसका मान है और यह अपरिमेय है।

यदि प्रश्न है (NCERT प्रश्नावली 1.4), तो , जो परिमेय है।

उत्तर: (अपरिमेय संख्या)
प्रश्न 13

सरल कीजिए:

सूत्र (घातांक नियम):
===

56 के गुणनखंड:

56 के अभाज्य गुणनखंड:
256
228
214
77
1
56 = 2 × 2 × 2 × 7
===
उत्तर:
प्रश्न 14

के हर का परिमेयकरण कीजिए।

सूत्र (हर का परिमेयकरण): हर में हो तो अंश और हर दोनों को से गुणा करें।
====
उत्तर:
प्रश्न 15

सरल कीजिए:

125 के अभाज्य गुणनखंड:
5125
525
55
1
125 = 5 × 5 × 5
==
सूत्र (घातांक नियम): ,
====
उत्तर:
प्रश्न 16

सरल कीजिए:

सूत्र (घातांक नियम):
===
उत्तर:
प्रश्न 17

के हर का परिमेयकरण कीजिए।

सूत्र (हर का परिमेयकरण): हर (या ) हो तो अंश और हर को उसके संयुग्मी से गुणा करें।

हर का संयुग्मी है।

सूत्र (सर्वसमिका):
====
उत्तर:
प्रश्न 18

परिमेय संख्याओं और के बीच तीन अलग-अलग परिमेय संख्याएँ ज्ञात कीजिए।

दोनों भिन्नों के हर समान करने के लिए 7 और 11 का LCM लेते हैं:

77 के अभाज्य गुणनखंड:
777
1111
1
77 = 7 × 11
==
==
==

अब और के बीच हैं। इनमें से कोई तीन लें:

=
उत्तर: (अथवा इनके बीच की कोई अन्य तीन संख्याएँ)
प्रश्न 19

के हर का परिमेयकरण कीजिए।

सूत्र (हर का परिमेयकरण): हर (या ) हो तो अंश और हर को उसके संयुग्मी से गुणा करें।

हर का संयुग्मी है।

सूत्र (सर्वसमिका):
=====
अंश और हर दोनों को −1 से गुणा करने पर:
उत्तर:
प्रश्न 20

के हर का परिमेयकरण कीजिए।

सूत्र (हर का परिमेयकरण): हर (या ) हो तो अंश और हर को उसके संयुग्मी से गुणा करें।

हर का संयुग्मी लेते हैं (ताकि हर धनात्मक आए)।

सूत्र (सर्वसमिका): , जहाँ
=====
उत्तर:
प्रश्न 21

दिखाइए कि को के रूप में व्यक्त कर सकते हैं।

माना

=

आवर्ती खंड ‘27’ में 2 अंक हैं, इसलिए दोनों पक्षों को 100 से गुणा करते हैं:

=

अब (2) में से (1) घटाने पर दशमलव के बाद के आवर्ती अंक कट जाते हैं:

=
=
पक्षांतर: बाएँ पक्ष में x का गुणक 99 दाएँ पक्ष में भाजक बन जाता है।
===
उत्तर: , जो के रूप में है (p = 14, q = 11)।
प्रश्न 22

1 और 2 के बीच पाँच परिमेय संख्याएँ ज्ञात कीजिए।

1 और 2 के बीच 5 संख्याएँ चाहिए।

1 और 2 को हर 10 वाली भिन्नों के रूप में लिखते हैं:

=
=

इनके बीच आती हैं।

इनमें से पाँच लेकर सरल रूप में:

=
उत्तर: (अर्थात 1.1, 1.2, 1.3, 1.4, 1.5)
प्रश्न 23

और के बीच छः परिमेय संख्याएँ ज्ञात कीजिए।

6 संख्याएँ चाहिए, इसलिए अंश और हर को 6 + 1 = 7 से गुणा करते हैं:

==
==

अब और के बीच की छः परिमेय संख्याएँ:

=

सरल रूप में: , ।

उत्तर:
प्रश्न 24

को के रूप में व्यक्त कीजिए, जहाँ p और q पूर्णांक हैं तथा ।

यहाँ केवल ‘35’ आवर्ती है, ‘2’ नहीं। माना

=

पहले अनावर्ती अंक 2 को दशमलव से पहले लाने के लिए 10 से गुणा करते हैं:

=

आवर्ती खंड ‘35’ में 2 अंक हैं, इसलिए (2) को 100 से गुणा करते हैं:

=

(3) में से (2) घटाने पर:

=
=
पक्षांतर: x का गुणक 990 दाएँ पक्ष में भाजक बन जाता है।
=

233 एक अभाज्य संख्या है और 990 का गुणनखंड नहीं है, अतः भिन्न सरलतम रूप में है।

उत्तर:
प्रश्न 25

के दशमलव प्रसार में अंकों के पुनरावृत्ति खण्ड में अंकों की अधिकतम संख्या क्या हो सकती है? अपने उत्तर की जाँच करने के लिए विभाजन क्रिया कीजिए।

1 को 17 से भाग देने पर हर चरण का शेषफल 1 से 16 के बीच ही हो सकता है (0 नहीं, क्योंकि 17 के अभाज्य गुणनखंड में केवल 17 है)। इसलिए अधिक से अधिक 16 चरणों के बाद कोई शेषफल दोहराएगा, अर्थात आवर्ती खंड में अधिकतम 16 अंक हो सकते हैं।

विभाजन क्रिया से जाँच (हर चरण में शेषफल × 10 को 17 से भाग):

चरणभाज्यभागफल अंकशेषफल
11 × 10 = 10010
210 × 10 = 100515
315 × 10 = 150814
414 × 10 = 14084
54 × 10 = 4026
66 × 10 = 6039
79 × 10 = 9055
85 × 10 = 50216
916 × 10 = 16097
107 × 10 = 7042
112 × 10 = 2013
123 × 10 = 30113
1313 × 10 = 130711
1411 × 10 = 11068
158 × 10 = 80412
1612 × 10 = 12071
171 × 10 = 10010

17वें चरण में शेषफल फिर 1 हो जाता है, इसलिए अंक यहीं से दोहराने लगते हैं।

==
उत्तर: आवर्ती खंड में अधिकतम 16 अंक हो सकते हैं, और विभाजन से में ठीक 16 अंक आते हैं।
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ये हल निदानात्मक कक्षाओं हेतु मॉड्यूल (विद्यार्थी अभ्यास पुस्तिका), सत्र 2026-27, कक्षा 9 गणित, अध्याय 1 ‘संख्या पद्धति’ (पृष्ठ 1-6) के प्रश्नों के हैं। मॉड्यूल: स्टेट असेसमेंट सेल, लोक शिक्षण संचालनालय, मध्यप्रदेश (समग्र शिक्षा)। यह पेज केवल अभ्यास हेतु चरणबद्ध हल देता है; मूल पुस्तिका विभाग की है।