कक्षा 10 गणित (बेसिक) — माशिमं आधिकारिक मॉडल प्रश्नपत्र 2026-27 का हल
हाई स्कूल परीक्षा 2027 · विषय: गणित (बेसिक) · प्रत्येक प्रश्न और प्रत्येक “अथवा” का चरणबद्ध हल
प्रश्नपत्र स्रोत: माध्यमिक शिक्षा मंडल, मध्यप्रदेश (mpbse.nic.in) का आधिकारिक नमूना प्रश्नपत्र 2026-27; हल educationdew.com द्वारा।
खंड अ — वस्तुनिष्ठ प्रश्न (प्रश्न 1 से 5, प्रत्येक उपप्रश्न 1 अंक)
सही विकल्प चुनकर लिखिए :
किसी बिंदु में को भुज और को कोटि कहते हैं।
अतः कोटि = −5
की तुलना से करने पर:
तुलना करने पर:
सभी समबाहु त्रिभुज, सभी वृत्त और सभी वर्ग सदैव समरूप होते हैं। परंतु दो आयतों की संगत भुजाएँ सदैव समानुपाती नहीं होतीं।
उदाहरण: आयत 4 cm × 2 cm और आयत 6 cm × 2 cm लें:
, इसलिए ये दोनों आयत समरूप नहीं हैं।
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए :
संपाती रेखाएँ एक-दूसरे पर पूरी तरह से पड़ी होती हैं, इसलिए उनके सभी बिंदु उभयनिष्ठ होते हैं। अर्थात् प्रत्येक बिंदु एक हल है।
जैसे की घात 2 है।
(√ के अंदर 5 × 5 का एक जोड़ा बना, इसलिए एक 5 बाहर आया।)
निम्नलिखित में सत्य/असत्य लिखिए :
किसी बिंदु की X-अक्ष से दूरी उसकी कोटि के बराबर होती है।
प्रति-उदाहरण: और दोनों अपरिमेय हैं, परंतु
0 एक परिमेय संख्या है। अतः कथन हमेशा सही नहीं है।
समरूप त्रिभुजों के संगत कोण बराबर और संगत भुजाएँ समानुपाती होती हैं।
स्पर्श रेखा, स्पर्श बिंदु से जाने वाली त्रिज्या पर लंब होती है। इसलिए और ।
एक ही रेखा AB पर लंब दो रेखाएँ परस्पर समांतर होती हैं, अतः ।
सही सूत्र में हर 360 है, 180 नहीं। (θ = 360° पर पूरा वृत्त आना चाहिए।)
असंभव घटना के अनुकूल परिणाम 0 होते हैं, इसलिए उसकी प्रायिकता 0 होती है।
सही जोड़ी बनाइए :
| स्तम्भ “A” | स्तम्भ “B” |
|---|---|
| (i) | (a) |
| (ii) | (b) |
| (iii) समांतर श्रेढ़ी (AP): 5, 8, 11, . . . का सार्व अंतर | (c) |
| (iv) वृत्त के चतुर्थांश का क्षेत्रफल | (d) 2 |
| (v) अर्धगोले का आयतन | (e) 3 |
| (vi) शंकु का आयतन | (f) 1 |
✔
चतुर्थांश = वृत्त का चौथाई भाग (केंद्रीय कोण 90°)।
शंकु का आयतन, उसी आधार और ऊँचाई वाले बेलन के आयतन का एक-तिहाई होता है।
| स्तम्भ “A” | स्तम्भ “B” |
|---|---|
| (i) | (f) 1 |
| (ii) | (d) 2 |
| (iii) | (e) 3 |
| (iv) | (c) |
| (v) | (b) |
| (vi) | (a) |
एक शब्द/वाक्य में उत्तर लिखिए :
एक मूल
मूल रखने पर बहुपद का मान शून्य होता है, अर्थात् :
2 को दाएँ पक्ष में ले जाने पर (पक्षांतर):
निश्चित घटना के सभी परिणाम अनुकूल होते हैं।
खंड ब — लघु उत्तरीय प्रश्न (प्रश्न 6 से 17, प्रत्येक 2 अंक)
अभाज्य गुणनखंड विधि द्वारा 12 और 16 का HCF ज्ञात कीजिए।
| 2 | 12 |
| 2 | 6 |
| 3 | 3 |
| 1 |
| 2 | 16 |
| 2 | 8 |
| 2 | 4 |
| 2 | 2 |
| 1 |
दोनों में उभयनिष्ठ अभाज्य गुणनखंड: 2 × 2 (2 की न्यूनतम घात )
एक द्विघात बहुपद ज्ञात कीजिए, जिसके शून्यकों का योग तथा गुणनफल क्रमशः -3 और 5 हैं।
शून्यकों का गुणनफल
k = 1 लेने पर:
बहुपद में
दोनों दिए गए मानों से मिलते हैं ✔
6 cm त्रिज्या वाले एक वृत्त के चाप की लंबाई ज्ञात कीजिए, जो केंद्र पर 60° का कोण अंतरित करता है।
केंद्रीय कोण
रखने पर:
(44 ÷ 7 = 6.285… ≈ 6.29)
समांतर श्रेढ़ी (AP) : 2, 7, 12, . . . के प्रथम 10 पदों का योग ज्ञात कीजिए।
पदों की संख्या
यहाँ पहला पद:
सूत्र (1) से:
सूत्र (2) में मान रखने पर:
2+7+12+17+22+27+32+37+42+47 = 245 ✔
उस बिंदु के निर्देशांक ज्ञात कीजिए, जो बिंदुओं (-1, 7) और (4, -3) को मिलाने वाले रेखाखण्ड को 2:3 के अनुपात में विभाजित करता है।
अनुपात
सूत्र (1) से:
सूत्र (2) से:
यदि , तो का मान ज्ञात कीजिए।
दोनों पक्षों को 5 से भाग देने पर:
सूत्र (1) से , इसलिए माना
सूत्र (2) से:
को बाएँ पक्ष में ले जाने पर (पक्षांतर):
(√ के अंदर तीन जोड़े बने: 2×2, 2×2, k×k; प्रत्येक जोड़े से एक संख्या बाहर आई।)
सूत्र (3) से:
जो के बराबर है ✔
एक बाह्य बिंदु से, जो वृत्त के केंद्र से 5 cm की दूरी पर है, वृत्त पर स्पर्श रेखा की लंबाई 4 cm है। वृत्त की त्रिज्या ज्ञात कीजिए।
स्पर्श रेखा की लंबाई PT = 4 cm
सूत्र (2) में मान रखने पर:
16 को बाएँ पक्ष में ले जाने पर (पक्षांतर):
जो के बराबर है ✔
रैखिक समीकरण युग्म तथा को हल कीजिए।
प्रतिस्थापन विधि: समीकरण (1) में को दाएँ पक्ष में ले जाने पर (पक्षांतर):
(3) से का मान समीकरण (2) में रखने पर:
10 को दाएँ पक्ष में ले जाने पर (पक्षांतर):
को (3) में रखने पर:
समीकरण (1) का बायाँ पक्ष:
समीकरण (2) का बायाँ पक्ष:
दोनों दाएँ पक्ष (5 और 4) से मिलते हैं ✔
समांतर श्रेढ़ी (AP) : 3, 7, 11, 15, . . . का 10 वां पद ज्ञात कीजिए।
सूत्र (1) से:
सूत्र (2) में मान रखने पर:
3, 7, 11, 15, 19, 23, 27, 31, 35, 39 — 10वाँ पद 39 ✔
एक पेटी में 90 डिस्क हैं, जिन पर 1 से 90 तक संख्याएँ अंकित हैं। यदि पेटी में से एक डिस्क यादृच्छया निकाली जाती है, तो डिस्क पर अंकित संख्या के दो अंकों की संख्या होने की प्रायिकता ज्ञात कीजिए।
= अनुकूल परिणामों की संख्या, = सभी संभव परिणामों की संख्या
दो अंकों की संख्याएँ: 10, 11, 12, . . . , 90। एक अंक की संख्याएँ 1 से 9 तक = 9 हैं।
एक पासे को एक बार फेंका जाता है। एक विषम संख्या प्राप्त करने की प्रायिकता ज्ञात कीजिए।
= अनुकूल परिणामों की संख्या, = सभी संभव परिणामों की संख्या
सभी संभव परिणाम: 1, 2, 3, 4, 5, 6
विषम संख्याएँ: 1, 3, 5
दी गई आकृति में, ABC और AMP दो समकोण त्रिभुज हैं, जिनके क्रमशः कोण B और M समकोण हैं। सिद्ध कीजिए कि ΔABC ~ ΔAMP है।
ΔAMP में
उपपत्ति: ΔABC और ΔAMP में,
(प्रत्येक 90° है — दिया है)
(दोनों त्रिभुजों में ∠A उभयनिष्ठ है)
अतः AA समरूपता कसौटी से,
इति सिद्धम्
खंड स — प्रश्न 18 से 20 (प्रत्येक 3 अंक, आंतरिक विकल्प सहित)
दो संख्याएँ ज्ञात कीजिए जिनका योग 27 और गुणनफल 182 है।
उनका गुणनफल 182
माना पहली संख्या है, तो दूसरी संख्या होगी।
गुणनफल 182 है, इसलिए:
कोष्ठक का प्रत्येक पद से गुणा करने पर:
सभी पद बाएँ पक्ष में ले जाने पर (पक्षांतर):
दोनों पक्षों को −1 से गुणा करने पर:
मध्य पद का विभाजन: ऐसी दो संख्याएँ जिनका योग 27 और गुणनफल 182 हो — 13 और 14 (13 + 14 = 27, 13 × 14 = 182)
प्रत्येक गुणनखंड को शून्य रखने पर:
यदि तो दूसरी संख्या:
यदि तो दूसरी संख्या:
✔ और ✔
दोनों मूल समान हैं
तुलना करने पर:
24 को दाएँ पक्ष में ले जाने पर (पक्षांतर):
(√ के अंदर 2 × 2 का एक जोड़ा बना, इसलिए एक 2 बाहर आया; 2 × 3 = 6 अंदर रहा।)
D = 0, अतः मूल समान ✔
सिद्ध कीजिए कि एक अपरिमेय संख्या है।
उपपत्ति (विरोधाभास द्वारा): माना एक परिमेय संख्या है। तब ऐसे सह-अभाज्य पूर्णांक और होंगे कि
7 को दाएँ पक्ष में ले जाने पर (पक्षांतर):
5 को दाएँ पक्ष में ले जाने पर (भाग):
चूँकि और पूर्णांक हैं, इसलिए और भी पूर्णांक हैं, अतः एक परिमेय संख्या है।
इससे परिमेय होगा, जो इस तथ्य का विरोधाभास है कि अपरिमेय है।
यह विरोधाभास हमारी गलत कल्पना के कारण आया। अतः परिमेय नहीं है।
इसलिए एक अपरिमेय संख्या है। इति सिद्धम्
जो संख्या अंक 0 पर समाप्त होती है, वह 10 से विभाज्य होती है, और
अतः उसके अभाज्य गुणनखंडों में 2 और 5 दोनों होने चाहिए।
इसलिए के अभाज्य गुणनखंडों में केवल 2 है, 5 नहीं है।
आधारभूत प्रमेय की अद्वितीयता से के गुणनखंडों में 5 कभी नहीं आ सकता।
अंतिम अंक 4 या 6 ही आता है, 0 कभी नहीं ✔
भूमि से 60 m की ऊँचाई पर एक पतंग उड़ रही है। पतंग में लगी डोरी को अस्थाई रूप से भूमि पर एक बिंदु पर बांध दिया गया है। भूमि के साथ डोरी का झुकाव 60° है। यह मानकर कि डोरी में कोई ढील नहीं है, डोरी की लंबाई ज्ञात कीजिए।
डोरी का भूमि से झुकाव
वज्र-गुणन (cross multiplication) करने पर:
को दाएँ पक्ष में ले जाने पर (पक्षांतर):
हर का परिमेयीकरण (अंश और हर को से गुणा):
लेने पर:
जो AB = 60 m के बराबर है ✔
उन्नयन कोण
वज्र-गुणन करने पर:
को दाएँ पक्ष में ले जाने पर (पक्षांतर):
हर का परिमेयीकरण:
लेने पर:
जो के बराबर है ✔
खंड द — प्रश्न 21 से 23 (प्रत्येक 4 अंक, आंतरिक विकल्प सहित)
कोई बर्तन एक खोखले अर्धगोले के आकार का है जिसके ऊपर एक खोखला बेलन अध्यारोपित है। अर्धगोले का व्यास 14 cm है और इस बर्तन (पात्र) की कुल ऊँचाई 13 cm है। इस बर्तन का आंतरिक पृष्ठीय क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।
बर्तन की कुल ऊँचाई 13 cm
बेलन की ऊँचाई = कुल ऊँचाई − अर्धगोले की त्रिज्या:
सूत्र (1) से बेलन का आंतरिक वक्र पृष्ठ:
सूत्र (2) से अर्धगोले का आंतरिक वक्र पृष्ठ:
बर्तन का आंतरिक पृष्ठीय क्षेत्रफल = बेलन का वक्र पृष्ठ + अर्धगोले का वक्र पृष्ठ:
उत्तर मिलता है ✔
शंकु की ऊँचाई cm
सूत्र (1) से शंकु का आयतन:
सूत्र (2) से अर्धगोले का आयतन:
ठोस का आयतन = शंकु का आयतन + अर्धगोले का आयतन:
पाँच वर्ष बाद जैकब की आयु उसके पुत्र की आयु से तीन गुनी हो जाएगी। पाँच वर्ष पूर्व जैकब की आयु उसके पुत्र की आयु की सात गुनी थी। उनकी वर्तमान आयु ज्ञात कीजिए।
5 वर्ष पूर्व: जैकब की आयु = 7 × पुत्र की आयु
माना जैकब की वर्तमान आयु वर्ष और पुत्र की वर्तमान आयु वर्ष है।
पहली शर्त (5 वर्ष बाद):
को बाएँ और 5 को दाएँ पक्ष में ले जाने पर (पक्षांतर):
दूसरी शर्त (5 वर्ष पूर्व):
को बाएँ और −5 को दाएँ पक्ष में ले जाने पर (पक्षांतर):
विलोपन विधि: समीकरण (1) में से (2) घटाने पर:
समीकरण (1) में रखने पर:
−30 को दाएँ पक्ष में ले जाने पर (पक्षांतर):
5 वर्ष बाद: 45 और 15, ✔
5 वर्ष पूर्व: 35 और 5, ✔
9 × संख्या = 2 × (अंक पलटने से बनी संख्या)
माना दहाई का अंक और इकाई का अंक है।
पहली शर्त:
दूसरी शर्त:
और को बाएँ पक्ष में ले जाने पर (पक्षांतर):
दोनों पक्षों को 11 से भाग देने पर:
विलोपन विधि: समीकरण (1) और (2) को जोड़ने पर:
समीकरण (1) में रखने पर:
1 को दाएँ पक्ष में ले जाने पर (पक्षांतर):
अंकों का योग ✔
और ✔
निम्नलिखित सारणी 30 नगरों की साक्षरता दर (प्रतिशत में) दर्शाती है। माध्य साक्षरता दर ज्ञात कीजिए।
| साक्षरता दर (% में) | नगरों की संख्या |
|---|---|
| 0 − 10 | 3 |
| 10 − 20 | 10 |
| 20 − 30 | 5 |
| 30 − 40 | 8 |
| 40 − 50 | 4 |
(l = निम्न वर्ग सीमा, u = उपरि वर्ग सीमा)
| वर्ग अंतराल | |||
|---|---|---|---|
| 0 − 10 | 3 | ||
| 10 − 20 | 10 | ||
| 20 − 30 | 5 | ||
| 30 − 40 | 8 | ||
| 40 − 50 | 4 | ||
| योग |
सूत्र में मान रखने पर:
| भार (किलोग्राम में) | विद्यार्थियों की संख्या |
|---|---|
| 40-45 | 2 |
| 45-50 | 3 |
| 50-55 | 8 |
| 55-60 | 6 |
| 60-65 | 6 |
| 65-70 | 3 |
| 70-75 | 2 |
| भार (kg) | विद्यार्थियों की संख्या |
|---|---|
| 40 − 45 | 2 |
| 45 − 50 | 3 |
| 50 − 55 | 8 |
| 55 − 60 | 6 |
| 60 − 65 | 6 |
| 65 − 70 | 3 |
| 70 − 75 | 2 |
अधिकतम बारंबारता 8 है, जो वर्ग 50 − 55 की है। अतः बहुलक वर्ग = 50 − 55
( = बहुलक वर्ग की निम्न सीमा, = वर्ग माप, = बहुलक वर्ग की बारंबारता, = उससे पहले वाले वर्ग की बारंबारता, = उसके बाद वाले वर्ग की बारंबारता)
सूत्र में मान रखने पर:
(25 ÷ 7 = 3.571… ≈ 3.57)
अंक-योजना: प्रश्न 1 से 5 — प्रत्येक उपप्रश्न 1 अंक; प्रश्न 6 से 17 — 2 अंक; प्रश्न 18 से 20 — 3 अंक; प्रश्न 21 से 23 — 4 अंक। प्रश्न 18 से 23 में आंतरिक विकल्प (अथवा) हैं — दोनों विकल्पों के हल ऊपर दिए गए हैं।