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कक्षा 10 गणित (बेसिक) — माशिमं आधिकारिक मॉडल प्रश्नपत्र 2026-27 का हल

हाई स्कूल परीक्षा 2027 · विषय: गणित (बेसिक) · प्रत्येक प्रश्न और प्रत्येक “अथवा” का चरणबद्ध हल

कुल प्रश्न: 23पूर्णांक: 75समय: 3 घंटे

प्रश्नपत्र स्रोत: माध्यमिक शिक्षा मंडल, मध्यप्रदेश (mpbse.nic.in) का आधिकारिक नमूना प्रश्नपत्र 2026-27; हल educationdew.com द्वारा।

प्र. 1प्र. 2प्र. 3प्र. 4प्र. 5प्र. 6प्र. 7प्र. 8प्र. 9प्र. 10प्र. 11प्र. 12प्र. 13प्र. 14प्र. 15प्र. 16प्र. 17प्र. 18प्र. 19प्र. 20प्र. 21प्र. 22प्र. 23

खंड अ — वस्तुनिष्ठ प्रश्न (प्रश्न 1 से 5, प्रत्येक उपप्रश्न 1 अंक)

प्रश्न 11 × 6 = 6 अंक

सही विकल्प चुनकर लिखिए :

(i)
बिंदु (3, -5) की कोटि है :
(a) 3(b) -3(c) 5(d) -5
ज्ञात है
बिंदु (3, −5)
ज्ञात करना है
बिंदु की कोटि

किसी बिंदु में को भुज और को कोटि कहते हैं।

==

अतः कोटि = −5

उत्तर: (d) −5
(ii)
(a) 1(b) (c) 2(d) 3
ज्ञात है
ज्ञात करना है
का मान
सूत्र (त्रिकोणमितीय मान):
====
उत्तर: (a) 1
(iii)
द्विघात बहुपद के शून्यकों का योग है :
(a) 3(b) -3(c) 5(d) -5
ज्ञात है
द्विघात बहुपद
ज्ञात करना है
शून्यकों का योग
सूत्र (शून्यकों का योग): (बहुपद के लिए)

की तुलना से करने पर:

===
====
उत्तर: (c) 5
(iv)
द्विघात समीकरण का विविक्तकर है :
(a) 0(b) 4(c) 8(d) -8
ज्ञात है
द्विघात समीकरण
ज्ञात करना है
विविक्तकर
सूत्र (विविक्तकर): (समीकरण के लिए)

तुलना करने पर:

===
======
उत्तर: (c) 8
(v)
यदि एक बाह्य बिंदु से एक वृत्त पर खींची गई स्पर्श रेखा की लंबाई 5 cm है, तो दूसरी स्पर्श रेखा की लंबाई होगी :
(a) 3 cm(b) 4 cm(c) 5 cm(d) 2 cm
ज्ञात है
बाह्य बिंदु P से स्पर्श रेखा PA = 5 cm
ज्ञात करना है
दूसरी स्पर्श रेखा PB की लंबाई
OABP5 cm?
P से वृत्त पर दो स्पर्श रेखाएँ PA और PB
सूत्र (प्रमेय): बाह्य बिंदु से वृत्त पर खींची गई स्पर्श रेखाओं की लंबाइयाँ बराबर होती हैं, अर्थात्
==
उत्तर: (c) 5 cm
(vi)
निम्नलिखित में से कौन-सी ज्यामितीय आकृतियाँ सदैव समरूप नहीं होती हैं?
(a) समबाहु त्रिभुज(b) वृत्त(c) आयत(d) वर्ग

सभी समबाहु त्रिभुज, सभी वृत्त और सभी वर्ग सदैव समरूप होते हैं। परंतु दो आयतों की संगत भुजाएँ सदैव समानुपाती नहीं होतीं।

उदाहरण: आयत 4 cm × 2 cm और आयत 6 cm × 2 cm लें:

==

, इसलिए ये दोनों आयत समरूप नहीं हैं।

उत्तर: (c) आयत
उत्तर:
(i) (d) −5
(ii) (a) 1
(iii) (c) 5
(iv) (c) 8
(v) (c) 5 cm
(vi) (c) आयत
प्रश्न 21 × 6 = 6 अंक

रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए :

(i)
यदि रेखाएँ संपाती हैं, तो उनके ................. हल होते हैं।

संपाती रेखाएँ एक-दूसरे पर पूरी तरह से पड़ी होती हैं, इसलिए उनके सभी बिंदु उभयनिष्ठ होते हैं। अर्थात् प्रत्येक बिंदु एक हल है।

उत्तर: अपरिमित रूप से अनेक (अनंत) हल
(ii)
घात दो के बहुपद को ...................... बहुपद कहते है।

जैसे की घात 2 है।

उत्तर: द्विघात
(iii)
बिंदु (3, 4) की मूलबिन्दु से दूरी .................... है।
ज्ञात है
बिंदु P(3, 4), मूलबिंदु O(0, 0)
ज्ञात करना है
दूरी OP
सूत्र (दूरी सूत्र):
======

(√ के अंदर 5 × 5 का एक जोड़ा बना, इसलिए एक 5 बाहर आया।)

उत्तर: 5 इकाई
(iv)
द्विघात समीकरण का मानक रूप ...................... है।
उत्तर: , जहाँ a, b, c वास्तविक संख्याएँ हैं और
(v)
समरूप त्रिभुजों के संगत कोण ........................ होते है।
उत्तर: बराबर
(vi)
प्रेक्षक की आँख से प्रेक्षक द्वारा देखी गई वस्तु के बिंदु को मिलाने वाली रेखा को ............कहते है।
दृष्टि रेखाक्षैतिज रेखाआँखवस्तु
आँख से वस्तु तक की रेखा = दृष्टि रेखा
उत्तर: दृष्टि रेखा
उत्तर:
(i) अपरिमित रूप से अनेक
(ii) द्विघात
(iii) 5 इकाई
(iv)
(v) बराबर
(vi) दृष्टि रेखा
प्रश्न 31 × 6 = 6 अंक

निम्नलिखित में सत्य/असत्य लिखिए :

(i)
बिन्दु (5, 7) की X-अक्ष से दूरी 7 इकाई है।
ज्ञात है
बिंदु (5, 7)
ज्ञात करना है
X-अक्ष से दूरी

किसी बिंदु की X-अक्ष से दूरी उसकी कोटि के बराबर होती है।

X-अक्ष से दूरी==
उत्तर: सत्य
(ii)
दो अपरिमेय संख्याओं का योग हमेशा एक अपरिमेय संख्या होता है।

प्रति-उदाहरण: और दोनों अपरिमेय हैं, परंतु

==

0 एक परिमेय संख्या है। अतः कथन हमेशा सही नहीं है।

उत्तर: असत्य
(iii)
समरूप त्रिभुजों की संगत भुजाएँ समानुपातिक होती है।

समरूप त्रिभुजों के संगत कोण बराबर और संगत भुजाएँ समानुपाती होती हैं।

उत्तर: सत्य
(iv)
किसी वृत्त के किसी व्यास के सिरों पर खींची गई स्पर्श रेखाएँ समांतर होती हैं।
OABlm
व्यास AB के सिरों पर स्पर्श रेखाएँ l और m

स्पर्श रेखा, स्पर्श बिंदु से जाने वाली त्रिज्या पर लंब होती है। इसलिए और ।

एक ही रेखा AB पर लंब दो रेखाएँ परस्पर समांतर होती हैं, अतः ।

उत्तर: सत्य
(v)
त्रिज्या वाले वृत्त के एक त्रिज्यखंड, जिसका कोण अंशों में θ है, का क्षेत्रफल होता है।
सूत्र (त्रिज्यखंड का क्षेत्रफल):

सही सूत्र में हर 360 है, 180 नहीं। (θ = 360° पर पूरा वृत्त आना चाहिए।)

उत्तर: असत्य
(vi)
एक असंभव घटना की प्रायिकता 1 होती है।

असंभव घटना के अनुकूल परिणाम 0 होते हैं, इसलिए उसकी प्रायिकता 0 होती है।

उत्तर: असत्य
उत्तर:
(i) सत्य
(ii) असत्य
(iii) सत्य
(iv) सत्य
(v) असत्य
(vi) असत्य
प्रश्न 41 × 6 = 6 अंक

सही जोड़ी बनाइए :

स्तम्भ “A”स्तम्भ “B”
(i) (a)
(ii) (b)
(iii) समांतर श्रेढ़ी (AP): 5, 8, 11, . . . का सार्व अंतर(c)
(iv) वृत्त के चतुर्थांश का क्षेत्रफल(d) 2
(v) अर्धगोले का आयतन(e) 3
(vi) शंकु का आयतन(f) 1

(i)
ज्ञात है
ज्ञात करना है
इसका मान
सूत्र (त्रिकोणमितीय मान):
=
उत्तर: (i) → (f) 1
(ii)
ज्ञात है
ज्ञात करना है
इसका मान
सूत्र (व्युत्क्रम संबंध):
====
उत्तर: (ii) → (d) 2
(iii)
ज्ञात है
AP: 5, 8, 11, . . .
ज्ञात करना है
सार्व अंतर d
सूत्र (सार्व अंतर):
==
जाँच:

✔

उत्तर: (iii) → (e) 3
(iv)

चतुर्थांश = वृत्त का चौथाई भाग (केंद्रीय कोण 90°)।

चतुर्थांश का क्षेत्रफल==
उत्तर: (iv) → (c)
(v)
अर्धगोले का आयतन====
उत्तर: (v) → (b)
(vi)

शंकु का आयतन, उसी आधार और ऊँचाई वाले बेलन के आयतन का एक-तिहाई होता है।

शंकु का आयतन=
उत्तर: (vi) → (a)
सही जोड़ियाँ:
स्तम्भ “A”स्तम्भ “B”
(i)(f) 1
(ii)(d) 2
(iii)(e) 3
(iv)(c)
(v)(b)
(vi)(a)
उत्तर:
(i) → (f)
(ii) → (d)
(iii) → (e)
(iv) → (c)
(v) → (b)
(vi) → (a)
प्रश्न 51 × 6 = 6 अंक

एक शब्द/वाक्य में उत्तर लिखिए :

(i)
यदि द्विघात बहुपद का एक मूल 1 है, तो का मान लिखिए।
ज्ञात है

एक मूल
ज्ञात करना है
का मान

मूल रखने पर बहुपद का मान शून्य होता है, अर्थात् :

===

2 को दाएँ पक्ष में ले जाने पर (पक्षांतर):

===
उत्तर:
(ii)
वृत्त को दो बिंदुओं पर प्रतिच्छेद करने वाली रेखा का नाम लिखिए।
उत्तर: छेदक रेखा (छेदक)
(iii)
एक वृत्त की दो त्रिज्याओं और संगत चाप से घिरे क्षेत्र का नाम लिखिए।
उत्तर: त्रिज्यखंड
(iv)
केन्द्रीय प्रवृत्ति के तीनों मापकों माध्य, माध्यक व बहुलक में आनुभविक संबंध लिखिए।
उत्तर: 3 × माध्यक = बहुलक + 2 × माध्य
(v)
एक निश्चित घटना की प्रायिकता लिखिए।

निश्चित घटना के सभी परिणाम अनुकूल होते हैं।

उत्तर: 1
(vi)
उन्नयन कोण को परिभाषित कीजिए।
उन्नयन कोणदृष्टि रेखाक्षैतिज रेखाआँखवस्तु
क्षैतिज रेखा और दृष्टि रेखा के बीच का कोण = उन्नयन कोण
उत्तर: जब देखी जा रही वस्तु आँख के स्तर से ऊपर हो, तब दृष्टि रेखा और क्षैतिज रेखा के बीच बने कोण को उन्नयन कोण कहते हैं।
उत्तर:
(i)
(ii) छेदक रेखा
(iii) त्रिज्यखंड
(iv) 3 × माध्यक = बहुलक + 2 × माध्य
(v) 1
(vi) दृष्टि रेखा और क्षैतिज रेखा के बीच का कोण (वस्तु आँख के स्तर से ऊपर हो)

खंड ब — लघु उत्तरीय प्रश्न (प्रश्न 6 से 17, प्रत्येक 2 अंक)

प्रश्न 62 अंक

अभाज्य गुणनखंड विधि द्वारा 12 और 16 का HCF ज्ञात कीजिए।

ज्ञात है
संख्याएँ 12 और 16
ज्ञात करना है
अभाज्य गुणनखंड विधि से HCF
12 के अभाज्य गुणनखंड:
212
26
33
1
12 = 2 × 2 × 3
16 के अभाज्य गुणनखंड:
216
28
24
22
1
16 = 2 × 2 × 2 × 2

दोनों में उभयनिष्ठ अभाज्य गुणनखंड: 2 × 2 (2 की न्यूनतम घात )

==
उत्तर: 12 और 16 का HCF = 4
प्रश्न 72 अंक

एक द्विघात बहुपद ज्ञात कीजिए, जिसके शून्यकों का योग तथा गुणनफल क्रमशः -3 और 5 हैं।

ज्ञात है
शून्यकों का योग
शून्यकों का गुणनफल
ज्ञात करना है
द्विघात बहुपद
सूत्र (द्विघात बहुपद): , जहाँ k कोई अशून्य वास्तविक संख्या है

k = 1 लेने पर:

====
जाँच:

बहुपद में

===
===

दोनों दिए गए मानों से मिलते हैं ✔

उत्तर: अभीष्ट द्विघात बहुपद (या )
प्रश्न 82 अंक

6 cm त्रिज्या वाले एक वृत्त के चाप की लंबाई ज्ञात कीजिए, जो केंद्र पर 60° का कोण अंतरित करता है।

ज्ञात है
त्रिज्या cm
केंद्रीय कोण
ज्ञात करना है
चाप की लंबाई
60°OAB6 cm6 cmचाप AB = l
केंद्र O पर 60° का कोण बनाने वाला चाप AB
सूत्र (चाप की लंबाई):
=====

रखने पर:

===

(44 ÷ 7 = 6.285… ≈ 6.29)

उत्तर: चाप की लंबाई cm, अर्थात् cm ≈ 6.29 cm
प्रश्न 92 अंक

समांतर श्रेढ़ी (AP) : 2, 7, 12, . . . के प्रथम 10 पदों का योग ज्ञात कीजिए।

ज्ञात है
AP: 2, 7, 12, . . .
पदों की संख्या
ज्ञात करना है
प्रथम 10 पदों का योग
सूत्र:
(1)
(2)

यहाँ पहला पद:

=

सूत्र (1) से:

==

सूत्र (2) में मान रखने पर:

=====
जाँच:

2+7+12+17+22+27+32+37+42+47 = 245 ✔

उत्तर: प्रथम 10 पदों का योग 245 है।
प्रश्न 102 अंक

उस बिंदु के निर्देशांक ज्ञात कीजिए, जो बिंदुओं (-1, 7) और (4, -3) को मिलाने वाले रेखाखण्ड को 2:3 के अनुपात में विभाजित करता है।

ज्ञात है
A(−1, 7), B(4, −3)
अनुपात
ज्ञात करना है
विभाजन बिंदु P(x, y) के निर्देशांक
A(−1, 7)P(x, y)B(4, −3)23
P, AB को 2 : 3 के अनुपात में अंतः विभाजित करता है
सूत्र (विभाजन सूत्र):
(1)
(2)
======

सूत्र (1) से:

=====

सूत्र (2) से:

====
उत्तर: अभीष्ट बिंदु (1, 3) है।
प्रश्न 112 अंक

यदि , तो का मान ज्ञात कीजिए।

ज्ञात है
ज्ञात करना है
का मान

दोनों पक्षों को 5 से भाग देने पर:

=
ABCθआधार AB = 4k3k5k
समकोण ΔABC, ∠B = 90°, ∠A = θ
सूत्र:
(1) (लंब / कर्ण)
(2)पाइथागोरस प्रमेय:
(3) (लंब / आधार)

सूत्र (1) से , इसलिए माना

==

सूत्र (2) से:

==

को बाएँ पक्ष में ले जाने पर (पक्षांतर):

==
====

(√ के अंदर तीन जोड़े बने: 2×2, 2×2, k×k; प्रत्येक जोड़े से एक संख्या बाहर आई।)

सूत्र (3) से:

===
जाँच (पाइथागोरस):
====

जो के बराबर है ✔

उत्तर:
प्रश्न 122 अंक

एक बाह्य बिंदु से, जो वृत्त के केंद्र से 5 cm की दूरी पर है, वृत्त पर स्पर्श रेखा की लंबाई 4 cm है। वृत्त की त्रिज्या ज्ञात कीजिए।

ज्ञात है
केंद्र O से बाह्य बिंदु P की दूरी OP = 5 cm
स्पर्श रेखा की लंबाई PT = 4 cm
ज्ञात करना है
वृत्त की त्रिज्या OT = r
OTP5 cmr4 cm
P से वृत्त पर स्पर्श रेखा PT; OT ⟂ PT
सूत्र:
(1)स्पर्श रेखा, स्पर्श बिंदु पर त्रिज्या के लंबवत् होती है: , इसलिए
(2)पाइथागोरस प्रमेय (समकोण ΔOTP में):

सूत्र (2) में मान रखने पर:

==

16 को बाएँ पक्ष में ले जाने पर (पक्षांतर):

==
===
जाँच:
====

जो के बराबर है ✔

उत्तर: वृत्त की त्रिज्या 3 cm है।
प्रश्न 132 अंक

रैखिक समीकरण युग्म तथा को हल कीजिए।

ज्ञात है
==
ज्ञात करना है
और के मान

प्रतिस्थापन विधि: समीकरण (1) में को दाएँ पक्ष में ले जाने पर (पक्षांतर):

=

(3) से का मान समीकरण (2) में रखने पर:

====

10 को दाएँ पक्ष में ले जाने पर (पक्षांतर):

====

को (3) में रखने पर:

=====
जाँच:

समीकरण (1) का बायाँ पक्ष:

===

समीकरण (2) का बायाँ पक्ष:

====

दोनों दाएँ पक्ष (5 और 4) से मिलते हैं ✔

उत्तर:
(i)
(ii)
प्रश्न 142 अंक

समांतर श्रेढ़ी (AP) : 3, 7, 11, 15, . . . का 10 वां पद ज्ञात कीजिए।

ज्ञात है
AP: 3, 7, 11, 15, . . .
ज्ञात करना है
10 वाँ पद
सूत्र:
(1)
(2)
==

सूत्र (1) से:

==

सूत्र (2) में मान रखने पर:

====
जाँच:

3, 7, 11, 15, 19, 23, 27, 31, 35, 39 — 10वाँ पद 39 ✔

उत्तर: 10 वाँ पद 39 है।
प्रश्न 152 अंक

एक पेटी में 90 डिस्क हैं, जिन पर 1 से 90 तक संख्याएँ अंकित हैं। यदि पेटी में से एक डिस्क यादृच्छया निकाली जाती है, तो डिस्क पर अंकित संख्या के दो अंकों की संख्या होने की प्रायिकता ज्ञात कीजिए।

ज्ञात है
डिस्क पर संख्याएँ 1 से 90 तक (कुल 90 डिस्क)
ज्ञात करना है
दो अंकों की संख्या आने की प्रायिकता
सूत्र (प्रायिकता): घटना E की प्रायिकता

= अनुकूल परिणामों की संख्या, = सभी संभव परिणामों की संख्या
=

दो अंकों की संख्याएँ: 10, 11, 12, . . . , 90। एक अंक की संख्याएँ 1 से 9 तक = 9 हैं।

==
====
उत्तर: प्रायिकता (= 0.9)
प्रश्न 162 अंक

एक पासे को एक बार फेंका जाता है। एक विषम संख्या प्राप्त करने की प्रायिकता ज्ञात कीजिए।

ज्ञात है
एक पासा एक बार फेंका गया
ज्ञात करना है
विषम संख्या आने की प्रायिकता
सूत्र (प्रायिकता): घटना E की प्रायिकता

= अनुकूल परिणामों की संख्या, = सभी संभव परिणामों की संख्या

सभी संभव परिणाम: 1, 2, 3, 4, 5, 6

=

विषम संख्याएँ: 1, 3, 5

=
====
उत्तर: विषम संख्या प्राप्त करने की प्रायिकता
प्रश्न 172 अंक

दी गई आकृति में, ABC और AMP दो समकोण त्रिभुज हैं, जिनके क्रमशः कोण B और M समकोण हैं। सिद्ध कीजिए कि ΔABC ~ ΔAMP है।

ABCMP
∠B = 90°, ∠M = 90°, ∠A उभयनिष्ठ

ज्ञात है
ΔABC में
ΔAMP में
ज्ञात करना है
सिद्ध करना है:
सूत्र (AA समरूपता कसौटी): यदि दो त्रिभुजों में दो संगत कोण बराबर हों, तो वे त्रिभुज समरूप होते हैं।

उपपत्ति: ΔABC और ΔAMP में,

=

(प्रत्येक 90° है — दिया है)

=

(दोनों त्रिभुजों में ∠A उभयनिष्ठ है)

अतः AA समरूपता कसौटी से,

इति सिद्धम्

उत्तर: (AA समरूपता कसौटी से)

खंड स — प्रश्न 18 से 20 (प्रत्येक 3 अंक, आंतरिक विकल्प सहित)

प्रश्न 183 अंक

दो संख्याएँ ज्ञात कीजिए जिनका योग 27 और गुणनफल 182 है।

ज्ञात है
दो संख्याओं का योग 27
उनका गुणनफल 182
ज्ञात करना है
दोनों संख्याएँ

माना पहली संख्या है, तो दूसरी संख्या होगी।

गुणनफल 182 है, इसलिए:

=

कोष्ठक का प्रत्येक पद से गुणा करने पर:

==

सभी पद बाएँ पक्ष में ले जाने पर (पक्षांतर):

=

दोनों पक्षों को −1 से गुणा करने पर:

=

मध्य पद का विभाजन: ऐसी दो संख्याएँ जिनका योग 27 और गुणनफल 182 हो — 13 और 14 (13 + 14 = 27, 13 × 14 = 182)

===

प्रत्येक गुणनखंड को शून्य रखने पर:

==
==

यदि तो दूसरी संख्या:

=

यदि तो दूसरी संख्या:

=
जाँच:

✔ और ✔

उत्तर: अभीष्ट संख्याएँ 13 और 14 हैं।
अथवा
यदि वर्ग समीकरण के दो समान मूल हैं, तो का मान ज्ञात कीजिए।
ज्ञात है
द्विघात समीकरण
दोनों मूल समान हैं
ज्ञात करना है
का मान
सूत्र (समान मूलों का प्रतिबंध): समीकरण के मूल समान होने के लिए

तुलना करने पर:

===
===

24 को दाएँ पक्ष में ले जाने पर (पक्षांतर):

==
===

(√ के अंदर 2 × 2 का एक जोड़ा बना, इसलिए एक 2 बाहर आया; 2 × 3 = 6 अंदर रहा।)

=
जाँच:
===
===

D = 0, अतः मूल समान ✔

उत्तर: या
प्रश्न 193 अंक

सिद्ध कीजिए कि एक अपरिमेय संख्या है।

ज्ञात है
संख्या
ज्ञात करना है
सिद्ध करना है: अपरिमेय है
सूत्र (ज्ञात तथ्य): एक अपरिमेय संख्या है।

उपपत्ति (विरोधाभास द्वारा): माना एक परिमेय संख्या है। तब ऐसे सह-अभाज्य पूर्णांक और होंगे कि

=

7 को दाएँ पक्ष में ले जाने पर (पक्षांतर):

===

5 को दाएँ पक्ष में ले जाने पर (भाग):

=

चूँकि और पूर्णांक हैं, इसलिए और भी पूर्णांक हैं, अतः एक परिमेय संख्या है।

इससे परिमेय होगा, जो इस तथ्य का विरोधाभास है कि अपरिमेय है।

यह विरोधाभास हमारी गलत कल्पना के कारण आया। अतः परिमेय नहीं है।

इसलिए एक अपरिमेय संख्या है। इति सिद्धम्

उत्तर: एक अपरिमेय संख्या है।
अथवा
जाँच कीजिए कि क्या किसी प्राकृत संख्या के लिए, संख्या अंक 0 पर समाप्त हो सकती है।
ज्ञात है
संख्या , जहाँ n एक प्राकृत संख्या है
ज्ञात करना है
क्या अंक 0 पर समाप्त हो सकती है?
सूत्र (अंकगणित की आधारभूत प्रमेय): प्रत्येक भाज्य संख्या को अभाज्य संख्याओं के गुणनफल के रूप में केवल एक ही तरीके से लिखा जा सकता है।

जो संख्या अंक 0 पर समाप्त होती है, वह 10 से विभाज्य होती है, और

=

अतः उसके अभाज्य गुणनखंडों में 2 और 5 दोनों होने चाहिए।

===

इसलिए के अभाज्य गुणनखंडों में केवल 2 है, 5 नहीं है।

आधारभूत प्रमेय की अद्वितीयता से के गुणनखंडों में 5 कभी नहीं आ सकता।

जाँच:
====

अंतिम अंक 4 या 6 ही आता है, 0 कभी नहीं ✔

उत्तर: नहीं, किसी भी प्राकृत संख्या n के लिए अंक 0 पर समाप्त नहीं हो सकती।
प्रश्न 203 अंक

भूमि से 60 m की ऊँचाई पर एक पतंग उड़ रही है। पतंग में लगी डोरी को अस्थाई रूप से भूमि पर एक बिंदु पर बांध दिया गया है। भूमि के साथ डोरी का झुकाव 60° है। यह मानकर कि डोरी में कोई ढील नहीं है, डोरी की लंबाई ज्ञात कीजिए।

ज्ञात है
पतंग की ऊँचाई AB = 60 m
डोरी का भूमि से झुकाव
ज्ञात करना है
डोरी की लंबाई AC = l
ABC60°60 mडोरी l
A पतंग, AC डोरी, C भूमि पर बिंदु, ∠B = 90°
सूत्र (समकोण ΔABC में): (लंब / कर्ण),
=
=

वज्र-गुणन (cross multiplication) करने पर:

==

को दाएँ पक्ष में ले जाने पर (पक्षांतर):

=

हर का परिमेयीकरण (अंश और हर को से गुणा):

===

लेने पर:

==
जाँच:
===

जो AB = 60 m के बराबर है ✔

उत्तर: डोरी की लंबाई m (≈ 69.28 m) है।
अथवा
भूमि के एक बिंदु से, जो मीनार के पाद-बिंदु से 30 m की दूरी पर है, मीनार के शिखर का उन्नयन कोण 30° है। मीनार की ऊँचाई ज्ञात कीजिए।
ज्ञात है
मीनार के पाद B से बिंदु C की दूरी BC = 30 m
उन्नयन कोण
ज्ञात करना है
मीनार की ऊँचाई AB = h
ABC30°30 mh
AB मीनार, C भूमि पर बिंदु, ∠B = 90°
सूत्र (समकोण ΔABC में): (लंब / आधार),
=
=

वज्र-गुणन करने पर:

==

को दाएँ पक्ष में ले जाने पर (पक्षांतर):

=

हर का परिमेयीकरण:

===

लेने पर:

==
जाँच:
===

जो के बराबर है ✔

उत्तर: मीनार की ऊँचाई m (≈ 17.32 m) है।

खंड द — प्रश्न 21 से 23 (प्रत्येक 4 अंक, आंतरिक विकल्प सहित)

प्रश्न 214 अंक

कोई बर्तन एक खोखले अर्धगोले के आकार का है जिसके ऊपर एक खोखला बेलन अध्यारोपित है। अर्धगोले का व्यास 14 cm है और इस बर्तन (पात्र) की कुल ऊँचाई 13 cm है। इस बर्तन का आंतरिक पृष्ठीय क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।

ज्ञात है
अर्धगोले का व्यास 14 cm
बर्तन की कुल ऊँचाई 13 cm
ज्ञात करना है
बर्तन का आंतरिक पृष्ठीय क्षेत्रफल
r = 7 cm6 cm7 cm13 cmबेलनअर्धगोला
खोखला अर्धगोला + उस पर खोखला बेलन
सूत्र:
(1)बेलन का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल
(2)अर्धगोले का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल
==

बेलन की ऊँचाई = कुल ऊँचाई − अर्धगोले की त्रिज्या:

==

सूत्र (1) से बेलन का आंतरिक वक्र पृष्ठ:

====

सूत्र (2) से अर्धगोले का आंतरिक वक्र पृष्ठ:

====

बर्तन का आंतरिक पृष्ठीय क्षेत्रफल = बेलन का वक्र पृष्ठ + अर्धगोले का वक्र पृष्ठ:

आंतरिक पृष्ठीय क्षेत्रफल==
जाँच (दूसरी विधि):
===

उत्तर मिलता है ✔

उत्तर: बर्तन का आंतरिक पृष्ठीय क्षेत्रफल 572 cm² है।
अथवा
एक ठोस एक अर्धगोले पर खड़े एक शंकु के आकार का है जिनकी त्रिज्याएँ 1 cm हैं तथा शंकु की ऊँचाई उसकी त्रिज्या के बराबर है। इस ठोस का आयतन π के पदों में ज्ञात कीजिए।
ज्ञात है
शंकु और अर्धगोले की त्रिज्या cm
शंकु की ऊँचाई cm
ज्ञात करना है
ठोस का आयतन (π के पदों में)
r = 1 cmh = 1 cmशंकुअर्धगोला
अर्धगोले पर खड़ा शंकु
सूत्र:
(1)शंकु का आयतन
(2)अर्धगोले का आयतन

सूत्र (1) से शंकु का आयतन:

===

सूत्र (2) से अर्धगोले का आयतन:

===

ठोस का आयतन = शंकु का आयतन + अर्धगोले का आयतन:

=====
उत्तर: ठोस का आयतन π cm³ है।
प्रश्न 224 अंक

पाँच वर्ष बाद जैकब की आयु उसके पुत्र की आयु से तीन गुनी हो जाएगी। पाँच वर्ष पूर्व जैकब की आयु उसके पुत्र की आयु की सात गुनी थी। उनकी वर्तमान आयु ज्ञात कीजिए।

ज्ञात है
5 वर्ष बाद: जैकब की आयु = 3 × पुत्र की आयु
5 वर्ष पूर्व: जैकब की आयु = 7 × पुत्र की आयु
ज्ञात करना है
जैकब और पुत्र की वर्तमान आयु

माना जैकब की वर्तमान आयु वर्ष और पुत्र की वर्तमान आयु वर्ष है।

पहली शर्त (5 वर्ष बाद):

===

को बाएँ और 5 को दाएँ पक्ष में ले जाने पर (पक्षांतर):

==

दूसरी शर्त (5 वर्ष पूर्व):

===

को बाएँ और −5 को दाएँ पक्ष में ले जाने पर (पक्षांतर):

==

विलोपन विधि: समीकरण (1) में से (2) घटाने पर:

=====

समीकरण (1) में रखने पर:

==

−30 को दाएँ पक्ष में ले जाने पर (पक्षांतर):

==
जाँच:

5 वर्ष बाद: 45 और 15, ✔
5 वर्ष पूर्व: 35 और 5, ✔

उत्तर:
(i) जैकब की वर्तमान आयु 40 वर्ष
(ii) पुत्र की वर्तमान आयु 10 वर्ष
अथवा
दो अंकों की संख्या के अंकों का योग 9 है। इस संख्या का नौ गुना, संख्या के अंकों को पलटने से बनी संख्या का दो गुना है। वह संख्या ज्ञात कीजिए।
ज्ञात है
दो अंकों की संख्या के अंकों का योग 9
9 × संख्या = 2 × (अंक पलटने से बनी संख्या)
ज्ञात करना है
वह संख्या

माना दहाई का अंक और इकाई का अंक है।

संख्या=पलटी हुई संख्या=

पहली शर्त:

=

दूसरी शर्त:

===

और को बाएँ पक्ष में ले जाने पर (पक्षांतर):

==

दोनों पक्षों को 11 से भाग देने पर:

=

विलोपन विधि: समीकरण (1) और (2) को जोड़ने पर:

=====

समीकरण (1) में रखने पर:

=

1 को दाएँ पक्ष में ले जाने पर (पक्षांतर):

==
संख्या====
जाँच:

अंकों का योग ✔
और ✔

उत्तर: अभीष्ट संख्या 18 है।
प्रश्न 234 अंक

निम्नलिखित सारणी 30 नगरों की साक्षरता दर (प्रतिशत में) दर्शाती है। माध्य साक्षरता दर ज्ञात कीजिए।

साक्षरता दर (% में)नगरों की संख्या
0 − 103
10 − 2010
20 − 305
30 − 408
40 − 504

ज्ञात है
30 नगरों की साक्षरता दर का वर्गीकृत बंटन (सारणी)
ज्ञात करना है
माध्य साक्षरता दर
सूत्र (माध्य, प्रत्यक्ष विधि):
(1)
(2)वर्ग चिह्न
(l = निम्न वर्ग सीमा, u = उपरि वर्ग सीमा)
वर्ग अंतराल
0 − 103

10 − 2010

20 − 305

30 − 408

40 − 504

योग
==
==

सूत्र में मान रखने पर:

====
उत्तर: माध्य साक्षरता दर 25% है।
अथवा
नीचे दिया हुआ बंटन एक कक्षा के 30 विद्यार्थियों के भार को दर्शाता है। बहुलक ज्ञात कीजिए।
भार (किलोग्राम में)विद्यार्थियों की संख्या
40-452
45-503
50-558
55-606
60-656
65-703
70-752
ज्ञात है
30 विद्यार्थियों के भार का वर्गीकृत बंटन (सारणी)
ज्ञात करना है
बहुलक
सूत्र (बहुलक):
भार (kg)विद्यार्थियों की संख्या
40 − 452
45 − 503
50 − 558
55 − 606
60 − 656
65 − 703
70 − 752

अधिकतम बारंबारता 8 है, जो वर्ग 50 − 55 की है। अतः बहुलक वर्ग = 50 − 55

======

( = बहुलक वर्ग की निम्न सीमा, = वर्ग माप, = बहुलक वर्ग की बारंबारता, = उससे पहले वाले वर्ग की बारंबारता, = उसके बाद वाले वर्ग की बारंबारता)

सूत्र में मान रखने पर:

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(25 ÷ 7 = 3.571… ≈ 3.57)

उत्तर: बहुलक भार ≈ 53.57 kg है।

अंक-योजना: प्रश्न 1 से 5 — प्रत्येक उपप्रश्न 1 अंक; प्रश्न 6 से 17 — 2 अंक; प्रश्न 18 से 20 — 3 अंक; प्रश्न 21 से 23 — 4 अंक। प्रश्न 18 से 23 में आंतरिक विकल्प (अथवा) हैं — दोनों विकल्पों के हल ऊपर दिए गए हैं।